इंदौर. जयपुर ब्लास्ट से इंदौर का सीधा कोई संबंध भले ही स्थापित न हुआ हो पर बतौर एहतियात यहां चेकिंग व संदिग्धों की धरपकड़ की जा रही है। पुलिस व खुफिया एजेंसियों की निगाहें गिरफ्तार सिमी आतंकवादियों और बंगलादेशी घुसपैठियों पर जमी है। एसपी अंशुमान यादव भी सीरियल ब्लास्ट के तार इंदौर से जुड़े होने से साफ इंकार करते हैं।
ब्लास्ट के बाद से राजस्थान पुलिस और खुफिया एजेंसियां सिमी, हूजी व बंगलादेशियों के सूत्र तलाश रही है वहीं शहर में भी इन बिंदुओं पर नए सिरे से आकलन किया जा रहा है। सिमी आतंकियों ने रिमांड व नाकरे टेस्ट के दौरान जो-जो कबूला था उसका विश्लेषण कर दूसरे राज्यों से जुड़ा नेटवर्क खंगाला जा रहा है।
बंगलादेशियों पर भी नजर : जयपुर विस्फोट के मद्देनजर बंगलादेशियों पर भी नजर रखी जा रही है। शहर में 50 हजार से ज्यादा बंगाली (पश्चिम बंगाल के बाशिंदे) हैं। ये मूर्तिकला, सुनारी व मजदूरी से जुड़े हैं। तीन साल पहले पुलिस ने सिलसिलेवार डकैतियों में कुछ बंगलादेशियों को गिरफ्तार किया था जो वारदात के लिए ही यहां आए थे। उन्हें भी सजा हो चुकी है।
दिनभर चली सघन चेकिंग : गुरुवार को भी पुलिस ने ट्रैजर आइलैंड, राजबाड़ा, कपड़ा मार्केट, आड़ा बाजार, बंबई बाजार व आसपास सुबह 11 से शाम 5 बजे तक सघन चेकिंग की।