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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. सरपंच संघ अध्यक्ष शुक्ला ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश सरपंच संघ का 25 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री डा. सिंह से मिलने पहुंचा था। वे सरपंचों के साथ हो रहे अन्याय और उनके दिन प्रतिदिन के काम में हो रही अड़चनों पर पर बात करने के लिए गए थे। उन्हें 10.30 बजे का समय दिया गया था।
नियत समय पर पहुंचने के बाद श्री गुप्ता से चर्चा करने के लिए खबर भेजी गई। उन्होंने केवल पांच लोगों को भीतर आने के लिए कहा। यह सुनकर सरपंचों ने मांग की कि हर जिले से सरपंच आए हैं इसलिए कम से कम एक जिले से एक सरपंच को मिलने की अनुमति दी जाए। उनका आग्रह स्वीकार नहीं किया गया इससे सरपंच नाराज हो गए।
सरपंच संघ के अध्यक्ष के नाते श्री शुक्ला ने खुद श्री गुप्ता से बात की। इस पर श्री गुप्ता ने उन्हें यह कहकर लौटा दिया कि यहां नेतागिरी करने आए हो, जाओ तुम्हारा मिलने का समय समाप्त हो गया। अब संघ के लोगों को मिलने का समय नहीं मिलेगा। उसके बाद प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से मिलने का प्रयास लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
यहां तक कि महिला सरपंचों को भीतर भेजने का प्रयास किया गया पर उनकी बातें नहीं सुनी र्गई। सरपंच एक घंटे तक मुख्यमंत्री निवास के बाहर खड़े रहे। मुख्यमंत्री निवास से उनके लिए कोई सूचना नहीं आई। सरपंचों ने आरोप लगाया कि शासन का रवैया सरपंचों के प्रति असंवेदनशील है। सरपंच संघ ने आज की घटना की निंदा की है।
इस घटना के संबंध में सरपंच संघ की 25 मई को रायपुर में आपात बैठक बुलाई गई है।प्रतिनिधि मंडल में अरविंद ठाकुर, अरविंद त्रिपाठी, श्रीमती चंद्रप्रभा, श्रीमती शोभा चोपड़ा, विनेश कुमार साहू, भुवन लाल साहू, क्रांतिभूषण साहू, विपिन यादव, राकेश ठाकुर, श्रीमती सोनादेई कोर्राम, मधुसूदन, समलूराम कश्यप, देवबीरसिंह, श्रीमती रुखमणि वर्मा, श्रीमती अमरीका वर्मा, लेखराम साहू, रुपसिंह नाग शामिल थे।