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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की विद्या परिषद की बैठक में गुरुवार को प्रोफेसरों ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा के विरोध में जमकर हंगामा किया। भारी शोर शराबे के बीच जब स्थिति नहीं संभली तो कुलपति को बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करनी पड़ी।
रविवि के प्रबंध संस्थान में विद्या परिषद की बैठक दोपहर 3 बजे शुरु हुई। इसमें कुलपति, रजिस्ट्रार, बोर्ड आफ स्टर्डीज के चेयरमैन, डीन, एचओडी समेत प्रोफेसर, रीडर और लेक्चरर मौजूद थे। लगभग तीन घंटे चली बैठक में पहली बार कुलपति को शिक्षकों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। कुलपति डा. लक्ष्मण चतुर्वेदी ने विवि के उस आर्डिनेंस (45) को बदलने का प्रस्ताव रखा
जिसमें पीएचडी के लिए रजिस्ट्रेशन होता है। डा. चतुर्वेदी की मंशा है कि पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा कराई जाए ताकि इसमें चुने हुए छात्र आएं और जो गंभीरता से पीएचडी पूरा करें। लेकिन शिक्षकों ने इसका यह कहकर विरोध किया कि इस तरह के संशोधन की जरुरत ही नहीं। वर्तमान प्रक्रिया छात्रों के लिए ज्यादा हितकर है। उन्होंने कहा कि इस तरह के संशोधन का प्रावधान यूजीसी के नार्म्स में भी नहीं है। प्रवेश परीक्षा होने से यहां के छात्रों के सामने अवसर कम हो जाएंगे। इस मुद्दे पर शोर-गुल जारी रहा।
इस वजह से बैठक स्थगित कर दी गई। बताते हैं, विद्या परिषद के सदस्य पिछली बैठक में पारित हुए निर्णय का पालन नहीं होने को लेकर भी नाराज थे। बैठक की जानकारी नहीं भेजने पर सदस्यों ने आपत्ति की। सूत्रों के अनुसार उच्च शिक्षा सचिव ने भी रविवि को पत्र लिखकर पीएचडी की प्रवेश परीक्षा के प्रस्ताव पर असहमति जाहिर की थी। इसके बावजूद इसे लागू करने को लेकर शिक्षक भड़क उठे। हालांकि बैठक में एमफिल में प्रवेश के लिए परीक्षा आयोजित करने पर सहमति बन गई।