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जेल से 11 कैदी फरार

जशपुरनगर. r जिला जेल के प्रहरी का हाथ-मुंह बांधकर गुरुवार दोपहर 11 कुख्यात कैदी जेल से फरार हो गए। इनमें से 5 को बाद में दबोच लिया गया। छह फरार कैदियों की तलाश जारी है। जशपुर में पहली बार इस तरह की घटना हुई है।

जेल व पुलिस सूत्रों के अनुसार भागने वाले सभी कैदी रसोइये का काम करते हैं। इन कैदियों ने आज दोपहर रसोई में तैनात संतरी को रस्सी से बांधा और उसकी पिटाई की। इसके बाद करीब 3 बजे चाय लेकर मुख्य द्वार पर तैनात संतरी सुधीर एक्का के पास पहुंचे। कैदियों ने सुधीर को उसी के गमछे से कुर्सी में बांध कर उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। फिर उससे चाबी लेकर मुख्य गेट का ताला खोलकर फरार हो गए। वारदात के समय जेल में सिर्फ दो प्रहरी डच्यूटी पर थे। कुर्सी में बंधे जेल प्रहरी ने किसी तरह अपना हाथ छुड़ाकर जेल का सायरन बजा दिया। जेल के सामने ही स्थित थाने की पुलिस सायरन बजते ही हरकत में आ गई। थाना प्रभारी अशोक वाडेगांवकर सहित पुलिस बल ने चारों तरफ घेराबंदी की।

प्रत्यक्षदर्शी श्रीमती दौलत एक्का व ईश्वरराम ने बताया कि कैदियों के एक समूह को मुख्य मार्ग की तरफ व दूसरे समूह को उन्होंने बादरकोना के जंगल की ओर भागते हुए देखा है। घटना की सूचना मिलते ही एसपी अकबर राम कोर्राम तुरंत जेल पहुंचे और कैदियों की गिनती करवाई और नगर में घेराबंदी कराने के निर्देश दिए। सायरन की आवाज सुनकर घेराबंदी के लिए निकले सैनिक विमल टोप्पो ने एक बंदी को पास में ही धर दबोचा। पकड़ा गया बंदी नरेंद्र दोहरे हत्याकांड का आरोपी है और मूलत: नागपुर का रहने वाला है। चार कैदियों सबियल, निर्मल, बाबूलाल व कमलेश को पुलिस ने जेल से 3 किलोमीटर दूर बेलपहाड़ के पास पकड़ लिया। इनमें से एक हत्या का और बाकी सभी लूट व डकैती के आरोपी हैं।

जेल प्रशासन की लापरवाही से हुआ जेल ब्रेक

जशपुर जेल में इस समय 234 बंदी और सजायाफ्ता बंद हैं, जबकि जेल की क्षमता 150 की है। जेल में 3 वार्ड हैं, जबकि वारदात के समय सुरक्षा के लिए केवल 2 प्रहरी ही मौजूद थे। घटना की जानकारी सहायक जेलर को 15 मिनट बाद लगी और तब कहीं जाकर वे जेल पहुंचे। घटना की रिपोर्ट जेल प्रशासन ने साढ़े तीन घंटे बाद पुलिस में दर्ज कराई। जेल ब्रेक की घटना की जानकारी शहर में आग की तरह फैली, लेकिन प्रशासन के आला अफसरों को जेल पहुंचने में दो घंटे लग गए।

भागे कैदी डकैती के आरोपी

भागे कैदियों में अधिकतर डकैत हैं और झारखंड के रहने वाले हैं। उनमें से एक डिब्बा उर्फ दशरथ (22), चोगरी बहार कांसाबेल, सबियल मिंज जर्डा झारखंड, बाबूलाल लकड़ा तिल्दीटोली झारखंड, अशोक कुमार(18 ) जायमरा, कमलेश टोप्पो गोलापुदा रायगढ़, रतन लकड़ा रायगढ़, नानू महली अटरिया झारखंड, दीपक कुमार(18 ) मधुबन टोली, धनेश्वर मिंज (21) सिमड़ा झारखंड, निर्मल केरकेट्टा(21) पत्थलगांव शामिल है। एक आरोपी नरेंद्र सिंह नागपुर महाराष्ट्र का है।

प्रभारी जेलर समेत तीन निलंबित

भास्कर न्यूज. रायपुर. जेल विभाग के डीजी संतकुमार पासवान ने जशपुर के प्रभारी जेलर एके कुजूर, प्रहरी सुधीर एक्का और एक अन्य प्रहरी को निलंबित कर दिया है। वारदात की विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए हैं। हालात की जानकारी के लिए डीजी खुद जशपुर रवाना हो गए।

फेल हो गए फामरूले : दंतेवाड़ा जेल ब्रेक के बाद विभाग की ओर से सुरक्षा में कसावट लाने की गरज से कई कदम उठाए गए थे। एक ही जेल में बरसों से जमे शातिर बदमाशों का तबादला दूसरे जिलों की जेलों में किया गया। जिला और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीमें बनाकर जेलों में छापे मारे गए। अफसरों का तबादला भी हुआ। इसके बावजूद हालात नहीं बदले। अफसरों का कहना है कि केवल बड़ी जेलों में सुधार के उपाय किए गए। छोटी जेलें नजरअंदाज कर दी गईं, इसलिए जशपुर के मामले में जेल पुलिस की सारी कवायद धरी रह गई।





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