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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. किसानों के लिए ये खुशी की खबर है कि सुपर फास्फेट की कीमत में प्रति मिट्रिक टन 157 रुपए तक की कमी हो सकती है। पिछले दिनों राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से सुपर फास्फेट में दी जाने वाली सब्सिडी राशि बढ़ाने की मांग की थी, ताकि खाद की कीमत घट जाए। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार की मांग को लगभग स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन अभी कुछ औपचारिकताएं शेष हैं।
इधर केंद्र सरकार द्वारा सुपर फास्फेट की कीमत प्रति बोरी 170 रुपए निर्धारित करने की जानकारी भी मिली है, लेकिन अगर राज्य शासन द्वारा इसमें वेट लगाया जाता है, तो इसकी कीमत में वृद्धि होगी। वेट नहीं लगाने पर इसका अधिक फायदा किसानों को होगा। फिलहाल राज्य शासन द्वारा ये विचार किया जा रहा है कि वेट लगाया जाए या नहीं। वर्तमान में सुपर फास्फेट की कीमत 184 रुपए प्रति बोरी है। खुले बाजार में हांलाकि इसकी कीमत 200 रुपए पहुंचने की जानकारी मिली है।
दो हजार मिट्रिक टन सुपर फास्फेट सहकारी समितियों में पहुंच चुका है, इसके बाद भी शार्टेज के कारण खुले बाजार में इसकी कीमत 6 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से बढ़ चुकी है। सुपर फास्फेट की कीमत अब तक 3557.28 रुपए प्रति टन है, जो कि घटकर 3400 रुपए हो सकती है। जिले में हर साल करीब 23 हजार मिट्रिक टन सुपर फास्फेट की जरूरत किसानों को पड़ती है, जबकि इसका उपयोग पिछले कुछ वर्षो के मुकाबले बढ़ा है। सूत्रों के मुताबिक एक-दो दिन में ही किसानों को सुपर फास्फेट की नई कीमत के बारे में पता चल जाएगा।
खेती में क्यों है जरूरी..
पौधों को मुख्यत: नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश की जरूरत पड़ती है, जिसमें से फास्फोरस सुपर फास्फेट से मिलता है। ये पौधों को विकसित करने, दाने में चमक लाने सहित पैदावार बढ़ाने में भी मदद करता है। इस साल करीब 23 हजार मिट्रिक टन सुपर फास्फेट की मांग कंपनी से की गई है।
भंडारण हो रहा प्रभावित
कीमत घटने की चर्चा होने के बाद अन्य रासायनिक खादों की तुलना में सुपर फास्फेट का भंडारण कम मात्रा में किया जा रहा है। वहीं सुपर फास्फेट का वितरण अभी सहकारी समितियों द्वारा किसानों को भी नहीं किया जा रहा है, क्योंकि अधिकारी कहते हैं कि अभी अगर वर्तमान कीमत में किसानों को खाद दे दी गई और कीमत घट गई तो फिर किसानों को रुपए लौटाने में परेशानी होगी।