HomeNewsMadhya PradeshGwalior Gwalior

गरीब जनता के साथ न्याय करें

शिवपुरी. प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अखंड प्रताप सिंह ने सरपंच, सचिवों को ईमानदारी का पाठ पढ़ाया। उन्होंने न केवल सरपंच, सचिवों को गांधीगीरी की सीख दी, बल्कि कहा कि वे गरीब जनता के साथ न्याय करें।

श्री सिंह गुरुवार को जिला मुख्यालय पर मानस भवन में आयोजित त्रिस्तरीय पंचायतों के पदाधिकारियों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्य अतिथि के तौर पर इस कार्यक्रम में शरीक हुए श्री सिंह ने सरपंच, सचिवों को बताया कि उनकी भी मप्र सरकार की तरह एक सरकार है और उन्हें अपने गांव का विकास करने का पूरा अधिकार है।

श्री सिंह ने सचिवों से कहा कि हमारी सरकार ने उनके वेतन में सुधार किया है, ताकि वे अधिकारी के रूप में कार्य करें। उन्होंने अपने जीवन का उदाहरण दिया और कहा कि मैंने सन् 1965 में पंचायत से राजनीति का सफर शुरू किया था और दो बार मंत्री रहा, पर मैंने कभी अपने घर को भरने की कोशिश नहीं की। मेरे पिता ने जो जमीन मेरे लिए छोड़ी, मैंने उसमें एक इंच भी वृद्धि नहीं की।

श्री सिंह ने कहा कि कम से कम बेईमानी की जाए और दूसरे की आलोचना करने से बचा जाए। उन्होंने सरपंच-सचिवों से दूसरे की बुराई न करने का संकल्प भी लिया और कहा कि यदि दूसरों का बुरा नहीं सोचोगे तो आप में भलाई जन्म लेगी, जिससे आपका खुद का भी भला होगा। सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में कोलारस विधायक ओमप्रकाश खटीक ने अपने विचार रखे।

कलेक्टर मनीष श्रीवास्तव ने जिले में पीडीएस सिस्टम के सुचारू होने की जानकारी दी और खाद्य मंत्री के समक्ष मांग रखी कि जिले में बीपीएल और अंत्योदय के गेहूं का कोटा कार्ड की तुलना में कम है, इसे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि 75 हजार बीपीएल और 12 हजार कार्ड अंत्योदय परिवारों के हैं, लेकिन इसकी तुलना में गेहूं जिले को कम मिल रहा है।

अंत में आभार प्रदर्शन जिला पंचायत के सीईओ आर के मिश्रा ने किया। जबकि संचालन अरुण अपेक्षित किया। सम्मेलन में मंचासीन जिपं अध्यक्ष जूली आदिवासी, जिपं और जनपद के पदाधिकारी थे, जबकि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में त्रिस्तरीय पंचायतों के पदाधिकारियों, अफसरों ने शिरकत की।

चुनाव प्रबंधन के गुण सिखाए

प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अखंड प्रताप सिंह ने पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मेलन में उन्हें गरीबों का भला करने के साथ चुनाव प्रबंधन के गुण भी सिखाए। श्री सिंह ने कहा कि चुनाव जीतना है तो हर विरोधी और अपनों से नमस्कार व राम-राम करो। ताकि कोई भी अपना मुंह पर विरोध न कर पाए।

इसके अलावा गरीबों का अधिक से अधिक भला करो और गांव में ऐसी व्यवस्था बनाओ, जिससे गांव के लोग आपके मुरीद हो जाएं। श्री सिंह ने एक उदाहरण देकर समझाया कि तपस्या करो तो ऐसी कि परमात्मा खुद आपके पीछे चलें। इसी प्रकार राजनीति में जीवित रहना है तो फिर भगवान रूपी वोट को अपने करीब रखिए और इसके लिए हर काम अपने जनता के कीजिए।

सरपंच-सचिवों को कंट्रोल का आफर

प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अखंड प्रताप सिंह ने पंच, सरपंच और सचिवों के सम्मेलन में उन्हें कंट्रोल की दुकान चलाने का आफर दिया। उन्होंने मंच से कहा कि मैंने सरपंच-सचिवों और गरीब जनता की भलाई के लिए समितियों से हटाकर पीडीएस का काम पंचायतों को सौंपने का कार्य शुरू किया है और यह प्रयोग दतिया व टीकमगढ़ में सफल हुआ है।श्री सिंह ने सरपंच-सचिवों से हाथ उठवाए कि क्या वे कंट्रोल का काम लेना चाहते हैं। इस पर अधिकांश सरपंच-सचिवों ने हाथ उठाए और इस पर सहमति दी।

तो भिजवाएंगे सीधे जेल

श्री सिंह ने कहा कि पीडीएस का काम ऐसा होना चाहिए। जिससे गरीब जनता को परेशानी न हो और न ही शासन को। श्री सिंह ने परोंक्ष रूप से गरीब एवं आदिवासी वर्ग को सताने वाले लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे नहीं सुधरे तो इस बार वे बात नहीं करेंगे, बल्कि ऐसा करने वाले लोगों को जेल भिजवाएंगे।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: