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केंचुओं’ को नहीं ‘नागों’ को मारना पड़ेगा

शिवपुरी. प्रदेश के नागरिक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में व्याप्त भ्रष्टाचार और लीकेज के लिए बड़े अफसर जिम्मेदार हैं। पीडीएस में सुराख करने वाले केंचुओं को नहीं बल्कि इस सिस्टम को ध्वस्त करने वाले नागों को कुचलना पड़ेगा।

श्री सिंह गुरुवार को शिवपुरी प्रवास के दौरान दैनिक भास्कर से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में पीडीएस का काम सहकारिता से छीनकर पंचायतों को देने की पहल कर दी गई है। टीकमगढ़ और दतिया में इस प्रयोग में सफलता मिली है। मेरी कोशिश है कि जल्द से जल्द पूरे प्रदेश में पीडीएस का काम पंचायतों के सुपुर्द कर दिया जाए। श्री सिंह ने कहा कि कांग्रेस के जमाने से ही खाद्य विभाग के सिस्टम को बिगाड़ने का खेल चला और इसे 20 हिस्सों में बांट दिया गया।

आधे से अधिक सिस्टम पर सहकारिता का कब्जा है और कुछ को स्वास्थ्य विभाग में मर्ज कर दिया गया। ऐसे में खाद्यान्न वितरण के कार्य में काफी कम अफसर बचे हैं और उनके पास पर्याप्त अधिकार भी नहीं हैं, पर वे इस सिस्टम को सुधारने की दिशा में काम कर रहे हैं।

न होलसेलर और न सेमी हॉलसेलर: मंत्री अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि पीडीएस को दुरुस्त करने के लिए वे हॉलसेलर, सेमी हॉलसेलर और लीड व्यवस्था को खत्म करेंगे। पंचायतों को जब पीडीएस का काम मिल जाएगा तो पंचायत प्रतिनिधि सीधे जिले में आकर पैसा जमा करेंगे व खाद्यान्न, केरोसिन का उठाव करेंगे। इस व्यवस्था में से बिचौलियों को पूरी तरह से अलग किया जाएगा। न ही लीड संस्थाएं पीडीएस का काम करेंगी और न हॉलसेलर व सेमी हॉलसेलर इस क्षेत्र में रहेंगे।

केपी सिंह गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार: अखंड प्रताप सिंह ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सचिव केपी ंिसह को इटारसी मंडी में गेहूं की खरीद में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार करार दिया। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी मुझे पूर्व में हो गई थी। 15 अप्रैल को जब मैंने इटारसी का दौरा किया, उसी दिन मैंने सचिव केपी सिंह को कार्रवाई करने के लिए पत्र दिया, पर उन्होंने आदेश का उल्लंघन किया और बाद में उसी स्थान पर मुख्यमंत्री जी ने छापा डाला।

श्री सिंह ने कहा कि उन्होंने सचिव केपी सिंह के खिलाफ आदेश का उल्लंघन करने के मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की है, फिलहाल यह मामला मुख्यमंत्री के यहां लंबित है।

62 लाख बीपीएल के लिए कहां से दें पर्याप्त गेहूं: खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश में 62 लाख बीपीएल परिवार हैं, लेकिन केन्द्र सरकार महज 41 लाख परिवारों के लिए खाद्यान्न का कोटा दे रही है। इसे कई बार निवेदन करने के बाद भी बढ़ाया नहीं जा सका है, ऐसे में हमें मजबूरन अन्नपूर्णा योजना में प्रत्येक परिवार को 20 किग्रा अनाज देना पड़ रहा है।

अफसरों और कर्मचारियों की कमी स्वीकारी: श्री सिंह ने खाद्य विभाग में अफसर एवं कर्मचारियों की कमी को स्वीकार किया। उन्होंेने कहा कि यह व्यवस्था कांग्रेस के राज्य में बिगड़ी। हम इसे दुरुस्त करने के प्रयास कर रहे हैं, पर अधिकारी, कर्मचारियों की कमी को धीरे-धीरे ही दूर किया जा सकेगा। श्री सिंह ने जिलों में खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारियों के रिक्त पड़े पदों की जानकारी होने की बात कहते हुए कहा कि सरकार के स्तर पर इस समस्या का हल निकाला जाएगा।





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