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घुसपैठ का मकड़जाल

अजमेर. जयपुर ब्लास्ट के बाद बांग्लादेशी घुसपैठिए चर्चा में हैं। दरगाह बम कांड के बाद भी पुलिस ने इनके खिलाफ मुहिम छेड़ी थी,मगर घटना के तेईस दिन बाद। मौजूदा समय में भी दरगाह इलाके का अंदरकोट, झरनेश्वर रोड और आसपास के क्षेत्र में कई बांग्लादेशी देखे जा सकते हैं।

घुसपैठ कर आए बांग्लादेशी खुद को बंगाली बताकर यहां डेरा डाले हुए हैं। इलाके के कुछ लोग भी घुसपैठियों के शरणदाता बने हुए हैं। मादक पदार्थ तस्करी, चोरी, देह व्यापार सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों में इनकी लिप्तता कई बार सामने आई है। गुरुवार को धर्मेन्द्र प्रजापति ने टीम भास्कर के साथ कई इलाकों की टोह ली और पाया की कई इलाकों में संदिग्ध लोगों का जमावड़ा लगा है।

दरगाह इलाके में बसे बांग्लादेशी घुसपैठिए अंदरकोट इलाके के लोगों के यहां किराए के मकानों और झोपड़ियों में रह रहे हैं। खुफिया विभाग और पुलिस तफ्तीश के मुताबिक इलाके के कई मकानों में संदिग्ध बांग्लादेशी नौकर बनकर काम कर रहे हैं। होटल, रेस्टोरेंट और अन्य काम के लिए लोगों को बांग्लादेशी के रूप में सस्ती लेबर मिल जाती है।

बम ब्लास्ट के बाद खुफिया विभाग ने शरण देने वालों पर शिकंजा कसा है। खादिम मोहल्ला निवासी कलीमुद्दीन चिश्ती के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। खुफिया पुलिस ने बांग्लादेशी मसूद व उमर शेख को कलीमुद्दीन के घर से पकड़ा था। मसूद के बारे में तफ्तीश में कई चौंकाने वाली जानकारी मिली। वह 2004 में वीजा से अजमेर आया था। उसका वीजा जनवरी 05 तक था।

अवधि समाप्त होने के बाद वह पहचान छिपाकर यहां रह रहा था। पूछताछ में मसूद ने कबूल किया कि बांग्लादेश में वह कत्ल के दो मामलों में अभियुक्त है। विस्फोट में उसका हाथ उड़ गया था। दूसरी ओर मसूद को घर में पनाह देने वाले कलीमुद्दीन ने खुलासा किया था कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी के एक सांसद की सिफारिश पर उसने मसूद को शरण दी थी।

टोका नहीं
खुफिया विभाग के मुताबिक अब तक पकड़े जा चुके बांग्लादेशियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे रोजगार के लिए अवैध तरीके से भारत आए थे। सीमा पर कोई रोक-टोक करने वाला नहीं है। पचास से दो सौ रुपए में सीमा पार कराई जाती है।

>> अवैध तौर पर रहने वाले विदेशियों की पहचान का काम खुफिया विभाग का है। सीआईडी आरोपियों को पकड़ कर पुलिस को सौंपती है। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
आनंद श्रीवास्तव, एसपी

>> बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिह्न्ति करने का अभियान चलाया है। जांच की जाएगी कि क्या आपराधिक मंशा से इन्होंने पहचान छिपाई? गृह विभाग के आदेश पर देश निकाला होगा।
गजानंद वर्मा, एएसपी, सीआईडी

घर बसा लिए
दरगाह इलाके में बांग्लादेशी घुसपैठियों ने घर-परिवार बसा लिए हैं। पिछले दिनों खुफिया पुलिस ने ऐसे दो परिवारों को पकड़ा था। इनके पास राशनकार्ड, पहचान-पत्र और जमीन की रजिस्ट्री तक बरामद हुई थी। बाद में इस मामले में भी पुलिस जांच ढीली पड़ गई।





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