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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़जयपुर के धमाकों के बाद अब चंडीगढ़ प्रशासन ने सभी साइबर कैफे वालों से कहा है कि साइबर कैफे में आए किसी भी व्यक्ति पर उन्हें संदेह होता है तो इसकी जानकारी फौरन पुलिस को दी जाए। जिला मैजिस्ट्रेट आरके राव की ओर से वीरवार को सीआरपीसी की धारा-144 के तहत जारी आदेशों में कहा गया है कि किसी भी सूरत में कोई अनजान व्यक्ति साइबर कैफे में दाखिल न हो।
साइबर कैफे में तभी लोगों को जाने दिया जाएगा जब उनके पास पहचान पत्र हो। कैफे मालिक को अपने यहां रजिस्टर रखना होगा जिसमें आने वाला व्यक्ति खुद नाम, पता, फोन नंबर, पहचान वगैरह दर्ज करेगा। कैफे मालिक को छह महीने तक मेन सर्वर में लॉग का रिकॉर्ड तक भी रखना होगा। प्रशासन के मुताबिक असामाजिक तत्व, अपराधी या आतंकवादी सिक्योरिटी एजेंसियों को गुमराह करने के लिए साइबर कैफे का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस तरह के लोग दहशत फैला सकते हैं और जांच एजेंसियों के लिए भी मुश्किलें पैदा कर सकते हैं।