बीकानेर. एक दिन पहले सीनियर सैकंडरी कॉमर्स का रिजल्ट घोषित हुआ। धीरे-धीरे और नतीजे भी आने की संभावना है। 12वीं के नतीजे आने के साथ ही छात्र स्नातक में प्रवेश के लिए इधर-उधर दौड़ने लगे हैं।
दर्जनों छात्र इन दिनों प्राइवेट व सरकारी कॉलेजों में चक्कर लगा रहे हैं और यह मालूम करने की कोशिश कर रहे हैं कि उनका प्रवेश कैसे होगा। किस प्रक्रिया से उन्हें गुजरना होगा लेकिन कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय की ओर से प्रवेश नीति की घोषणा नहीं होने के कारण कॉलेज प्रशासन भी अभी चुप है। आयुक्तालय से फिलहाल कॉलेजों को पांच जून से प्रवेश फार्म वितरण के निर्देश मिले हैं।
नौ जून से स्नातक में प्रवेश के लिए आवेदन जमा होंगे। सूत्रों के मुताबिक इसी सप्ताह प्रवेश नीति घोषित होने की संभावना है लेकिन बिना नीति के प्राइवेट कॉलेज छात्रों को मोटीवेट नहीं कर पा रहे हैं। छात्रों का रुझान डूंगर, एमएस, बिन्नाणी, जैन, रामपुरिया समेत कई कॉलेजों की ओर हैं।
12वीं पास करने के बाद कुछ ही प्रतिशत छात्र पीएमटी, इंजीनियरिंग समेत अन्य विकल्पों पर विचार करते हैं लेकिन अधिकांश ग्रेजुएशन करना जरूरी समझते हैं। इसी कारण इन दिनों छात्र प्रवेश के लिए तैयारी करने लगे हैं। फिलहाल तो कई कॉलेजों में छुट्टियां हैं।
डूंगर कॉलेज के प्राचार्य रामगोपाल भूतड़ा ने बताया कि प्रवेश नीति उनके पास अभी तक नहीं पहुंची लेकिन स्नातक में प्रवेश के लिए आवेदन फार्म पांच जून से वितरित होंगे। नौ जून से फार्म जमा कराए जा सकेंगे। उन्होंने कहा इसी बीच प्रवेश नीति भी आ जाएगी इससे प्रवेश में छात्रों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
क्या है प्रवेश नीति
कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय अपनी ओर से एक बुकलेट जारी करता है। उस बुकलेट में संबंधित कॉलेज में सीटों की संख्या, फीस का मानदंड, किस विषय पर कितने प्रतिशत तक प्रवेश होगा। प्रवेश की प्रक्रिया क्या होगी आदि की जानकारी रहती है।
इस बुकलेट के बिना कोई भी कॉलेज प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकता क्योंकि नीति का निर्धारण हुए बिना प्रवेश नहीं होते हैं। जानकारों का कहना है कि स्नातक में प्रवेश फार्म से पहले ही प्रवेश नीति घोषित हो जानी चाहिए क्योंकि इससे छात्रों को भी आसानी होती है। कितने प्रतिशत अंक वालों को प्रवेश मिलेगा यह जानकारी छात्रों को हो जाती है।