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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़पीयू के हॉस्टल्स में महंगाई की वजह से कम होती खाने की थाली का रेट आने वाले दिनों में बढ़ सकता है। अलबत्ता, इसके लिए पीयू के स्टूडेंट्स को मामूली बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। पीयू प्रशासन ने 5 साल बाद पीयू के हॉस्टल्स के अलावा स्टूडेंट्स सेंटर में खाने के दामों के रेट रिवाइज करने के लिए कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी खाने की चीजों के मौजूदा दामों के अलावा क्वालिटी को लेकर भी अपनी रिपोर्ट पीयू प्रशासन को देगी।
एक साल पहले तक रेट न बढ़ने से कोई प्रॉब्लम नहीं थी, क्योंकि हॉस्टल्स में मेस और कैंटीन के ठेकेदारों को सब्सिडाइज्ड रेट पर खाना देने के बदले पीयू की ओर से काफी सुविधाएं दी गई हैं। ठेकेदारों से न किराया लिया जाता है और न ही बर्तन, क्रॉकरी और पानी-बिजली का बिल वसूला जाता है। ठेकेदारों ने भी रेट बढ़ाने के लिए कभी कहा नहीं, लेकिन पिछले एक साल में दाल, सब्जी, तेलों और चावल के दामों हुई वृद्धि के बाद अब पीयू प्रशासन ने इन हॉस्टल्स की मेस और कैंटीन के अलावा स्टूडेंट सेंटर में खाने के दामों को रिवाइज करने के लिए कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। कमेटी पता लगाएगी कि खाने की चीजों के मौजूदा दामों का हॉस्टल्स पर क्या फर्क पड़ा है।
यह भी देखा जाएगा कि अगर मामूली रेट बढ़ाने जरूरी हैं तो स्टूडेंट्स को मिलने वाला खाना या दूसरी चीजों की क्वालिटी में सुधार की कितनी जरूरत है। कमेटी हॉस्टल्स के मेस और कैंटीन ठेकेदारों के अलावा स्टूडेंट्स का भी पक्ष जानेगी। इसके बाद यह कमेटी अपनी रिपोर्ट पीयू को देगी। यह कमेटी अगर अपनी रिपोर्ट में हॉस्टल्स और स्टूडेंट्स सेंटर में खाने के रेट बढ़ाने की सिफारिश कर देती है तो पीयू के हॉस्टल्स में खाने के दामों में मामूली बढ़ोतरी होगी।