उदयपुर. उदयपुर और आसपास के जिलों में भी कट्टरता और आतंक से जुड़े संगठन नए नामों से सक्रिय हो गए हैं। खुफिया पुलिस भी इस ओर सक्रिय हो गई है। जयपुर में बम विस्फोट के बाद इन संगठनों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
उदयपुर की सलूंबर, सराड़ा, खेरवाड़ा, गोगुंदा व कोटड़ा तहसील में एसएस और टीजे के कोड नामों से इन संगठनों की गतिविधियां गोपनीय तरीके से संचालित हो रही हैं। पुलिस इन कोड नामों का पता लगाने में जुटी है। इनका मुख्य काम सट्टे का नेटवर्क चलाना और आतंकवादियों की मदद करना है।
प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के मध्यप्रदेश के धार जिले से बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश होने के बाद इसके तार मध्यप्रदेश से सटे मेवाड़ अंचल से भी जुड़े होने की सूचनाएं गुप्तचर एजेंसियों को मिल रही है। वोलेन्टियर्स ऑफ इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (विमी) के साथ ही महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश व बिहार में सक्रिय दो संगठनों के कार्यकर्ता भी उदयपुर में सक्रिय हैं। लेकिन अभी तक इनकी सारी गतिविधियां खामोशी से चल रही हैं। कुछ अपराधी तत्वों की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को महाराष्ट्र के एक संगठन के सक्रिय होने का पता चला था जिसका मुख्य काम सट्टेबाजी का धंधा है। इस संगठन की चपेट में मेवाड के युवा आ चुके हैं।
महाराष्ट्र का संगठन ‘एसएस’ : यह मूल रूप से मुंबई बेस्ड है। इससे जुड़े लोग सट्टा मार्केट में सक्रिय है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इनसे जुड़े लोग सट्टा कारोबार की आड़ में कुछ विशेष इलाकों में अपना नेटवर्क तैयार कर रहे हैं।
सट्टे के पैसे का इस्तेमाल अपना जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए करते हैं। हर इलाके में चार से पांच लोग हैं जो ऐसे युवकों को तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं जो समय आने पर आतंकी नेटवर्क की मदद और धार्मिक उन्माद फैला सके।
बिहार व यूपी का संगठन ‘टीजे’: इस संगठन का नेटवर्क राजस्थान में कई जिलों में फैल चुका है। इनका जयपुर में एक बड़ा कार्यक्रम भी हो चुका है। इस संगठन से जुड़े लोग अपने मजहब के लोगों से अलग नियम कायदे मानने वाले हैं।
ये अपने आपको कट्टर मानते हैं। इसकी आड़ में वे ऐसे युवाओं की फौज तैयार कर रहे हैं जो मजहबी रूप से कट्टर हो और उनके आचार विचारों को मानता है। उदयपुर में इस संगठन की विचारधारा के लोगों की संख्या बढ़ रही है।
खुफिया नजर : सिमी और विमी के साथ ही खुफिया पुलिस की नजर इन दोनों संगठनों पर है। पिछले दो-तीन सालों में हो रहे मजहबी कार्यक्रमों में बिहार व उत्तरप्रदेश के कुछ लोगों की सक्रियता से भी खुफिया पुलिस अनजान नहीं है।
उदयपुर से उज्जैन तक : पता चला है कि सिमी और विमी के साथ इन दोनों संगठनों का एक नेटवर्क उदयपुर से उज्जैन तक है। मध्यप्रदेश का सीमावर्ती क्षेत्र होने से आने-जाने में कोई दिक्कत भी नहीं है। इस रास्ते में पड़ने वाले नवसृजित प्रतापगढ़ जिले में भी इनके तार जुड़े होने की बात सामने आ रही है। उज्जैन में कुछ लोगों को पकड़ा भी जा चुका है।
>> सिमी, विमी व अन्य संगठनों की गतिविधियों के बारे में पुलिस पता कर रही है। मेवाड़ में इनके सक्रिय होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रतापगढ़ जिले के कुछ क्षेत्रों में इनकी गतिविधियों की जानकारी मिली थी।
गुलाबचंद कटारिया, गृहमंत्री