उदयपुर. शहर के समीप साकरोदा में पूर्व उपसरपंच केसरसिंह की हत्या के मामले में प्रतापनगर पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इन्हें बुधवार रात को मुंबई से बस द्वारा उदयपुर आते समय अहमदाबाद हाइवे स्थित बलीचा से गिरफ्तार किया। गुरुवार को चारों को अदालत में पेश किया गया जहां से इन्हें 18 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया।
हालांकि इस मामले में साजिश रचने वाला मुख्य सूत्रधार एवं सुपारी लेकर अपनी गैंग से हत्या करवाने वाले सरगना सहित तीन जने अभी भी फरार हैं। पुलिस ने तीनों को शीघ्र पकड़ने का दावा किया है।
एसपी अनिल पालीवाल ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि इस वारदात में प्रतापनगर पुलिस ने करणसिंह पुत्र सूर्यवीर सिंह निवासी बेदला, ध्रुपद पुत्र विनोद कुमार दशोरा निवासी महावीर नगर (बेदला), विपिन पुत्र अमरसिंह कोठारी निवासी न्यू केशवनगर (भूपालपुरा) व धनसिंह पुत्र करणसिंह निवासी ब्रrापोल को गिरफ्तार किया। चारों आरोपियों की उम्र 20 से 25 वर्ष है। इनमें से करणसिंह हत्या के प्रयास के मामले में वांछित है तथा धनसिंह के खिलाफ हाथीपोल थाने में मारपीट का एक मुकदमा दर्ज है।
मुख्य अभियुक्तों का खुलासा नहीं : पुलिस ने इस मामले में हत्या के कारणों का पूरा खुलासा नहीं किया है। हत्या करवाने वाले मुख्य षड्यंत्रकर्ता और सुपारी लेने वाली गैंग के शातिर अपराधी तथा एक अन्य को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
पुलिस के डर से इधर-उधर हुए
कुछ दिनों तक मुंबई रहने के बाद सरगना सहित पूरी टीम को पता लग गया कि उदयपुर से पुलिस दल उनके पीछे लग गया है। इस पर गैंग के सरगना ने उनको रुपए देकर भागने की हिदायत दी और खुद एक युवक के साथ फरार हो गया। मुंबई से चारों अभियुक्त वापस शहर आ रहे थे तभी पकड़े गए।
सूरत के बाद मुंबई भाग गए
पूछताछ में सामने आया कि 3 मई को हत्यारे दो बाइक पर शाम छह बजे शहर से निकल गए और साकरोदा पहुंचे। वहां जाकर केसरसिंह के परिजनों से उसके बारे में पूछताछ की। फिर रास्ते में उसका इंतजार किया।
बाद में उन्होंने पता किया कि केसरसिंह अपने मित्र साकरोदा निवासी रमेश नागदा के साथ भैरवनगर (प्रतापनगर) निवासी प्रकाश टांक के गृह प्रवेश समारोह के भोज में गया है। रात को केसरसिंह लौटा तक सोनी का कुआं पर घेराबंदी कर उस पर हमला कर दिया। केसरसिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देकर गैंग लीडर सहित छह आरोपियों ने रात को ही उदयपुर छोड़ दिया एवं सूरत (गुजरात) भाग गए।
भास्कर ने किया था खुलासा
गौरतलब है कि भास्कर ने पिछले दिनों हत्या के कारणों व मुख्य आरोपी के बारे में खुलासा करते हुए यह बताया था कि वारदात में राजनीतिक द्वेषता के कारण साकरोदा गांव के ही एक कांग्रेसी नेता का हाथ है। केसरसिंह को कांग्रेसी नेता द्वारा पंचायत में की गई गड़बड़ियों की भी जानकारी थी।
इसी कारण उसने शहर के एक शातिर अपराधी को केसरसिंह को मारने की सुपारी दी। इसके बाद शातिर अपराधी ने अपने गुर्गो को यह काम सौंपा। उन्होंने तीन-चार दिनों तक लगातार केसरसिंह के बारे में जानकारी जुटाई और बाद में घटना को अंजाम दिया।