उदयपुर. जयपुर में बम ब्लास्ट के बाद सभी राज्यों में हाईअलर्ट चल रहा है। पर्यटन स्थलों को निशाना बनाने की आतंकवादियों की धमकी के बाद भी प्रशासन की ओर से बस व रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा के ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उधर, पुलिस और प्रशासन शतप्रतिशत सतर्कता बरतने का दावा कर रहे हैं।
रेलवे की सुरक्षा एजेंसियों ने उदयपुर सिटी स्टेशन को पूरी तरह असुरक्षित बताया है। इस स्टेशन पर न तो रेलवे पुलिस का थाना है और न ही रेलवे सुरक्षा बल का। सुरक्षा एजेंसियां रेल प्रबंधन को कई बार इस बारे में चेता चुकी है। स्टेशन प्रबंधन ने टेंट में थाना लगाने का प्रस्ताव भी खारिज कर दिया। सिविल पुलिस थाना भी स्टेशन से दो किलोमीटर दूर स्थित है।
आमान परिवर्तन के बाद उदयपुर रेल मार्ग से मध्यप्रदेश, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल राज्यों से जुड़ गया है। अहमदाबाद के लिए फिलहाल मीटरगेज की सुविधा है। इसके भी आमान परिवर्तन की घोषणा हो चुकी है। उदयपुर सिटी स्टेशन का प्रतिनिधित्व करने वाले राणाप्रताप नगर जीआरपी थाना प्रभारी अशोक यादव ने जीआरपी एसपी, रेलवे के क्षेत्रीय प्रबंधक तथा अजमेर मंडल रेल प्रबंधक को कई पत्र लिखे हैं जिनमें सिटी स्टेशन पर थाना नहीं होने से खतरे की चेतावनी दी गई है।
जीआरपी के एसपी हिंगलाज दान भी अजमेर मंडल रेल प्रबंधक आर.के. टंडन को सिटी स्टेशन पर थाने के लिए भवन उपलब्ध करवाने के संबंध में पत्र लिख चुके हैं। आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) की भी ये ही स्थिति है। सिटी स्टेशन पर आरपीएफ का थाना भवन बनाने के लिए 20 लाख रुपए 14 माह पूर्व मंजूर हुए लेकिन टेंडर भरने कोई ठेकेदार नहीं आया।
सिटी स्टेशन से कई गाड़ियां
उदयपुर से चलने वाली मेवाड़ एक्सप्रेस, जयपुर एक्सप्रेस, बांद्रा एक्सप्रेस, सियालदह एक्सप्रेस, अजमेर इंटरसिटी, अहमदाबाद एक्सप्रेस सिटी स्टेशन से चलती है व यहीं आकर समाप्त होती है। यह स्टेशन सभी गाड़ियों का टर्मिनल स्टेशन है।
राणाप्रताप नगर पासिंग स्टेशन है, जहां सभी गाड़ियों का दो मिनट ठहराव है। लंबे रूट की गाड़ियां रवानगी से दो घंटे पहले प्लेटफार्म पर खड़ी हो जाती है। थाना सात किलोमीटर दूर होने से ट्रेन में सवार होने या उतरने वाले यात्रियों की गतिविधियों पर निगरानी रखना संभव नहीं है।
टेंट लगाने से रोका
पिछले साल अक्टूबर में अजमेर बम कांड के बाद जीआरपी के एसपी ने उदयपुर सिटी स्टेशन को असुरक्षित करार दिया था। उन्होंने रेल प्रबंधन द्वारा थाने के लिए भवन नहीं देने पर टेंट तानकर थाना खोलने की सलाह दी। अजमेर से यहां टेंट भी भेजा गया।
सिटी स्टेशन के एरिया मैनेजर अनुज भार्गव ने टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी। भार्गव ने लिखित जवाब दिया कि मॉडल स्टेशन होने के कारण यहां टेंट लगाना मुनासिब नहीं है। टेंट लगाने से स्टेशन का सौंदर्य प्रभावित होगा।
बूथ में चल रही है पुलिस चौकी
सिटी स्टेशन पर जीआरपी की पुलिस चौकी लकड़ी निर्मित बूथ में चल रही है। इस बूथ में दो सिपाहियों के बैठने योग्य स्थान है। किसी यात्री का सामान गुम होने, चेन स्नेचिंग, जहरखुरानी या अन्य वारदात होने पर उसे अपनी यात्रा निरस्त कर शिकायत दर्ज कराने 7 किलोमीटर दूर जीआरपी थाना राणाप्रताप नगर जाना पड़ता है। जीआरपी या आरपीएफ के अतिरिक्त जाब्ते की जरूरत होने पर फोर्स एक घंटे से पहले नहीं पहुंच सकती।
>> उदयपुर का नाम इंटरनेशनल टूरिज्म मैप पर फेमस होने से मिलिटेंट्स की निगाहें लगी हो सकती हैं। गुजरात, एमपी नजदीक होने से सुरक्षा के प्रति चौकस होना पुलिस की जिम्मेदारी है। उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर राजकीय रेलवे पुलिस का थाना खुलवाने का प्रयास कर रहा हूं। अभी मैं ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद में हूं, लिहाजा आने के बाद ही इस बारे में कुछ कर पाऊगां
हिंगलाजदान बारहठ, एसपी, जीआरपी अजमेर