उदयपुर. राजधानी पिंकसिटी में बम ब्लास्ट का असर देसी पर्यटकों की आवाजाही पर पड़ा है। देश के विभिन्न स्थानों से आने वाले देसी पर्यटकों का मानस पिंकसिटी न होकर लेकसिटी की ओर केंद्रित होने लगा है।
लेकसिटी के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर देसी पर्यटकों के आने का क्रम शुरू हो गया है। यहां के स्थलों पर पुलिस प्रशासन की उदासीनता देखी जा सकती है। शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जहां अधिक संख्या में सैलानियों की मौजूदगी बनी रहती है, वहां सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के जवानों का तैनात नहीं होना प्रशासन की लापरवाही दर्शाती है।
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि मई से जून में देसी पर्यटकों की आवाजाही अधिक रहती है। गुजरात, दिल्ली, द. भारत आदि क्षेत्रों से राजस्थान में आने वाले पर्यटकों की संख्या उदयपुर से अधिक देखी जा रही है।
पर्यटन स्थलों पर पुलिस जवान तैनात नहीं
शहर के प्रमुख पर्यटन स्थल सहेलियों की बाड़ी, दूधतलाई, माणिक्यलाल वर्मा गार्डन, नेहरू गार्डन, फतहसागर, राजीव गांधी उद्यान, सिटी पैलेस, शिल्पग्राम, बागोर की हवेली आदि क्षेत्रों में सैलानियों की आवाजाही काफी रहती है। इन टूरिस्ट प्लेसेस पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के जवान नहीं दिखे। विभाग के पास पर्यटक सहायता बल के दस जवान हैं, जिनकी ड्यूटी विभाग के पर्यटन स्वागत केंद्रों पर है।
>> देसी पर्यटकों का रुख जयपुर की बजाए उदयपुर की ओर हो रहा है। जो सैलानी राजस्थान की संस्कृति से रू-ब-रू होना चाहते हैं वे लेकसिटी आ रहे हैं। मई-जून में विदेशी पर्यटकों की संख्या वैसे ही कम रहती है।
मनीष गिलुंडिया, पूर्व अध्यक्ष, उदयपुर होटल एसोसिएशन
>> देसी पर्यटकों की पसंद इन दिनों जयपुर नहीं उदयपुर है। विदेशी सैलानी जो इन दिनों प्लानिंग करते हैं, विस्फोट की घटना से अपना कार्यक्रम बदल सकते हैं। इसका असर राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के पर्यटन पर भी पड़ता है।
के.के. कर्णावट, होटल व्यवसायी
>> देसी पर्यटकों की आवाजाही बता रही है कि उन्हें जयपुर बम ब्लास्ट के बाद उदयपुर रास आ रहा है। कई देसी पर्यटकों से हुई बातचीत में यह बात सामने आई कि जयपुर भी उनकी प्राथमिकता में शामिल था, लेकिन घटना के बाद लेकसिटी उदयपुर घूमने का प्लान बनाया।
रमेश पटवा, गाइड