नई दिल्ली. महंगाई रोकने के सभी सरकारी प्रयास एक-एक कर नाकाफी साबित हो रहे हैं। एक तरफ विकास दर घट रही है और दूसरी तरफ महंगाई बढ़कर ७.८३ फीसदी पर पहुंच गई है। यह बीते ४४ माह का सर्वोच्च शिखर है। विशेषज्ञों की माने तो अब ८ फीसदी का स्तर ज्यादा दूर नहीं है। उधर, वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने एक बार फिर सीमेंट व स्टील उद्योगों पर कीमतें घटाने का दबाव बनाया है।
क्या करे सरकार : सरकार समझ नहीं पा रही है कि वह महंगाई व विकास में किस को चुने। यदि वह मौद्रिक उपाय करती है तो विकास दर में और गिरावट आएगी, जबकि वह पहले ही गिर रही है।
लगातार बढ़ रही महंगाई : ३ मई को समाप्त सप्ताह को महंगाई बढ़कर ७.८३ फीसदी हो गई है, जबकि इससे पिछले सप्ताह (अप्रैल २६) को यह ७.६१ फीसदी दर्ज की गई थी। इससे पूर्व यह ७.५७ फीसदी थी। बीच के तीन सप्ताह छोड़ दिए जाएं तो ४ जनवरी २क्क्८ से अब तक महंगाई की दर में लगातार बढ़त दर्ज की गई है।
इस बार क्या थे कारण : धातु, खाद्य पदार्थ व औद्योगिर्क ईधन में तेजी ने पिछले सप्ताह की तरह इस बार भी महंगाई को आगे धकेलने का काम किया है।
खुदरा कीमतें स्थिर : चार महानगरों में दालों व खाद्य तेलों (मूंगफली के तेल को छोड़कर) की कीमतें इस सप्ताह स्थिर रही हैं। गेहूं व आटा भी पिछले सप्ताह की तुलना में स्थिर रहा है।
कीर्तिमान ऊंचाई की ओर कच्च तेल: शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें १२७ डालर प्रति बैरल के सर्वोच्च शिखर को छूने को बेताब दिखीं।
रुपए में १३ माह की सर्वाधिक गिरावट: भारतीय रुपया अमेरिकी डालर की तुलना में १३ माह के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। विकार दर में धीमापन, कच्चे तेल की कीमतों में रिकार्ड तेजी व विदेशी निवेशकों द्वारा धन निकालने की आशंका के चलते शुक्रवार को रुपया ४२.८१/८२ प्रति डालर के भाव पर बंद हुआ।
क्या हुआ महंगा
खाद्य पदार्थ -------- कीमतों में तेजी
फल व सब्जियां ---- 3 फीसदी
कॉफी ------------ 6 फीसदी
मक्का ----------- 4 फीसदी
खाद्य मसाले ------- 1 फीसदी
मसूर दाल -------- 1 फीसदी
विनिर्मित उत्पाद : आटा, नारियल तेल व खांडसारी।
औद्योगिर्क ईधन --- कीमतों में तेजी
नैफ्था -------- 7 फीसदी
फरनेस ऑयल --- 4 फीसदी
हल्का डीजल ----- 2 फीसदी
बिटुमेन -------- 2 फीसदी
प्रशासनिक कदम संभव
हम स्टील व सीमेंट निर्माताओं द्वारा घटी कीमतें लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। वह पर्याप्त नहीं होंगी तो हम प्रशासनिक कदम उठाएंगे।
-पी चिदंबरम, वित्तमंत्री
और बढ़ेगी
‘क्रूड में तेजी व रुपए में गिरावट के दबाव के चलते मुद्रास्फीति दर का बढ़ना अभी जारी रहेगा।’-डीके जोशी, प्रमुख अर्थशास्त्री