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निलंबित सिपाहियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू

जोधपुर. सेंट्रल जेल के बंदी कैलाश मांजू को फलौदी कोर्ट में पेशी पर ले जाते समय उसकी खातिरदारी करने वाले दोनों सिपाहियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। एसपी ने गुरुवार को उन्हें निलंबित कर दिया था, अब उनकी जांच फलौदी वृत्ताधिकारी को सौंप दी है। उधर बंदी के साथ स्कॉर्पियो में सवार दूसरा व्यक्ति निलंबित जेलर की बजाय लोहावट का फाइनेंसर निकला है। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि जेलर उस दिन ड्यूटी पर ही था।

ग्रामीण एसपी संजीबकुमार नार्जारी ने बताया कि फलौदी फायरिंग कांड के मुख्य आरोपी कैलाश मांजू को पेशी पर ले जाने के लिए लाइन के दो सिपाही बंशीलाल विश्नोई व सहीराम विश्नोई जेल से रवाना हुए थे। इन सिपाहियों ने उसे नागौर पासिंग की स्कॉर्पियो में बैठा दिया। स्कॉर्पियों में दो व्यक्ति और सवार थे। ये लोग कैलाश को लोहावट ले गए जहां लोगों से मिलवाया तथा खातिरदारी की। यह सूचना लोहावट पुलिस के पास पहुंची। पुलिस मौके पर गई तो ये लोग वहां से निकल गए।

पुलिस ने स्कॉर्पियो चालक भागीरथ की पहचान कर ली, मगर दूसरे व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई। इस व्यक्ति के बारे में सूचना मिली कि वह पिचियाक जेल का निलंबित जेलर मंगलाराम विश्नोई था। पुलिस ने जेलर की भूमिका की जांच की तो सामने आया कि मंगलाराम विश्नोई उस दिन अपनी डयूटी पर ही था, वह कैलाश के साथ नहीं था। वह व्यक्ति लोहावट क्षेत्र में रहने वाला एक फाइनेंसर था। पुलिस इस फाइनेंसर के बारे में जानकारी एकत्र कर रही है।

सिपाहियों की जांच सीओ के पास
बंदी कैलाश मांजू की खातिरदारी करने वाले सिपाहियों सहीराम व बंशीलाल को एसपी ने निलंबित कर दिया था। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। इसके लिए दोनों के खिलाफ जांच फलौदी वृत्ताधिकारी धनपतराज सांखला को सौंपी गई है।





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