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आईएएस में चमका फिर मारवाड़

जोधपुर. AIS संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा-07 की मुख्य परीक्षा का परिणाम शुक्रवार को अंतिम रूप से घोषित किया गया।

परीक्षा में मारवाड़ से चार परीक्षार्थियों के चयन की प्रारंभिक सूचना मिली है । जिसमें जोधपुर से मुक्तानंद अग्रवाल व पारसमल सांखला, पाली से गजेंद्र सिंह चारण और जालोर से निंबाराम का भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन हुआ है। जालोर जिले के सरनाऊ गांव निवासी निंबाराम ने 470वीं रैंक हासिल किया।

सेवा का जज्बा
मुक्तानंद अग्रवाल, रैंक 33
दिल्ली में मौजूद मुक्तानंद अग्रवाल ने टेलीफोनिक वर्ता में सफलता का श्रेय गुरूजनों और पैरेंट्स को दिया है। पहले ही अटेंप्ट में 33 वीं रैंक लाने वाले मुक्तानंद ने बताया कि डीएम बनकर रूरल डवलपमेंट करना चाहते हैं। साथ ही बालविवाह और दूसरी समाजिक कुप्रथाओं को रोकना चाहते हैं।

गुदड़ी का लाल
गजेन्द्रसिंह, रैंक 324
जैतारण तहसील के कावलिया खुर्द गांव का गजेंद्रसिंह चारण आईएएस परीक्षा में देशभर में 324वें स्थान पर रहा। यह मुकाम उसने महज 24 साल की उम्र में हासिल किया। लखनऊ में भारतीय रेलवे सेवा में ट्रेनिंग ले रहे गजेंद्र आरएएस में भी प्रदेश में छठे स्थान पर रहे थे। गजेंद्र ने जयपुर में आईएएस की तैयारी की।

गजेंद्र के पिता रतनदान पटवारी पद से सेवानिवृत्त हैं। एक भाई शिक्षक है। गजेंद्र ने 12वीं तक की पढ़ाई आनंदपुर कालू गांव में की। इसके बाद एमए तक वह व्यावर में पढ़ा। दो माह तक वह सरकारी अध्यापक भी रहा। शुरू से ही गजेंद्र का सपना आईएएस बनना था।

संघर्ष की जीत
पारसमल सांखला, रैंक430
तीसरे अटेंप्ट में आइएएस परीक्षा पास करने वाले किसान पुत्र पारसमल सांखला अपनी कामयाबी से बेहद खुश हैं। गांव से ही अपनी संघर्ष की कहानी शुरू करने वाले पारस गांव के विकास को ही अपनी प्रियॉरिटी में शामिल करेंगे। अब्दुल कलाम आजाद को अपना आदर्श मानने वाले पारस उनक सपनों को पूरा करने की तमन्ना रखते हैं। लेकिन उससे पहले एक बार और आइएएस का एक्जाम देकर और अच्छी रैंक लाना चाहते हैं। ताकि डीएम बन सकें।





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