भोपाल.
राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक एसके राउत को प्रदेश का नया पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। वे सोमवार को आनंदराव पंवार से कार्यभार ग्रहण करेंगे। श्री पंवार को जेल महानिदेशक पदस्थ किया गया है। इनके अलावा तीन अन्य अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर के अफसरों के तबादले किए गए हैं।
1974 बैच के आईपीएस अधिकारी एसके राउत 13 नवंबर 07 को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक से पदोन्नति के बाद राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में महानिदेशक के रूप में नियुक्ति दी गई थी। श्री राउत की शुक्रवार को 25 वें डीजीपी के रूप में पदस्थापना की गई। उन्हें 1991 में राष्ट्रपति का सराहनीय सेवा और 1998 में उत्कृष्ट सेवा का पदक मिल चुका है। 23 दिसंबर 06 को डीजीपी बने श्री पंवार के कार्यकाल में कुख्यात रामबाबू गड़रिया बंधु और ददुआ जैसे डकैतों का सफाया हुआ।
इसके साथ ही भोपाल में नक्सलियों की हथियार बनाने की फैक्टरी और सिमी के सरगना समेत कई सदस्यों की गिरफ्तारी हुई। इन दोनों अफसरों के अलावा शासन ने जेल महानिदेशक एचके सरीन को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दूरसंचार और अग्निशमन सेवाएं, सुदर्शन कुमार को एडीजी दूरसंचार से शिकायत और एसएस लाल को एडीजी अग्निशमन सेवा और शिकायत से राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो बनाया है।
चुनाव के कारण हुआ फेरबदल
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर काफी समय से श्री पंवार के स्थान पर किसी अन्य अफसर को डीजीपी बनाए जाने की चर्चाएं थीं क्योंकि श्री पंवार 31 अक्टूबर 08 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। विधानसभा चुनाव के कारण अक्टूबर 08 के पहले ही चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी। उस वक्त राज्य सरकार अपनी पसंद के अधिकारी को डीजीपी नहीं बना पाती। उसे तीन अफसरों के नाम का पैनल चुनाव आयोग को भेजना पड़ता।