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फिर संभलेगा पर्यटन

जयपुर.turराजधानी में सीरियल बम धमाकों के बाद भले ही जनजीवन अब सामान्य नजर आ रहा हो, लेकिन इस हादसे ने मजबूत पर्यटन उद्योग की जड़ें हिलाकर रख दी हैं। शहर के पर्यटन स्थलों पर हालांकि अभी विदेशी पर्यटकों की संख्या में ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है, लेकिन पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों की मानें तो आने वाले दिनों में इसका असर दिखेगा। अभी तो सबसे ज्यादा असर देसी पर्यटकों की आवक पर पड़ा है। उनकी संख्या घटकर आधी से भी कम हो गई है। बावजूद इसके पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को उद्योग के वापस संभलने की उम्मीद है।

हर समय देसी-विदेशी पर्यटकों से आबाद रहने वाले पर्यटन स्थलों पर शुक्रवार को कुछ ही पर्यटक नजर आए। पर्यटन से जुड़े लोगों का कहना था कि यह हमला पर्यटन उद्योग को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया था। जिस तरह से विदेशी पर्यटक जम्मू-कश्मीर व गुजरात आदि जाने से डरते हैं, उसी तरह अब वे जयपुर आने से भी कतराएंगे।

घट रही है आमदनी
विश्व में अपनी अलग ही बसावट के कारण प्रसिद्ध पिंकसिटी में पहुंचने वाले पर्यटकों से सरकार को सालाना करीब 20 करोड़ रुपए की आमदनी होती है। अकेले आमेर महल में 2007-08 में 5 करोड़ 76 लाख रुपए की आमदनी हुई थी। इसके साथ ही जंतर-मंतर में 3 करोड़ से ज्यादा की आय हुई। बम विस्फोट के एक दिन पहले आमेर महल में आने वाले पर्यटकों की संख्या 28 सौ थी, जो 15 मई को घटकर 400 सौ रह गई। वहीं अन्य पर्यटन स्थलों के हालात तो इससे भी खराब है।

पर्यटक बोले- डराती हैं ऐसी घटनाएं
सीरियल बम धमाकों को लेकर शुक्रवार को कई पर्यटकों से बातचीत की गई तो सबका यही कहना था कि कुछ भी हो, ऐसी घटनाएं हमें डराती हैं। जंतर-मंतर पर भ्रमण करने आए विदेशी पर्यटक जिमी का कहना था कि भ्रमण के लिए निकलने से पहले उस जगह की पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी ली जाती है। उसके बाद ही कार्यक्रम तय किया जाता है। मुंबई के रमेश बंसल का कहना था कि इस तरह के हमले पर्यटकों को डराने की लिए किए जाते हैं। इस तरह की घटनाओं के बाद अब जम्मू कश्मीर बहुत कम पर्यटक जाना पसंद करते हैं।

विदेशी पर्यटक रहना चाहता है सुरक्षित
आमेर सर्किल इंचार्ज पंकज धरेंद्र का कहना है कि विदेशी पर्यटक जहां भी जाता है, वह सबसे पहले खुद के सुरक्षित रहने की बारे में जानकारी जुटाता है। जयपुर के इतिहास में यह भले ही पहली घटना हो, लेकिन आगामी दिनों में इसका असर देखने को मिलेगा। आमेर महल अधीक्षक जफर उल्लाह खां का कहना है कि इस तरह की घटनाओं का असर तो पड़ता ही है। जहां पहले इस तरह की घटनाएं हुई हैं, वहां पर्यटकों की संख्या पर असर पड़ा है।

पर्यटन स्थलों में सुरक्षा
पुरातत्व विभाग के निदेशक बी.एल.गुप्ता का कहना है कि अल्बर्ट हॉल में क्लोज सर्किट कैमरे लगाए जा रहे हैं। यदि अन्य पर्यटन स्थलों पर भी सुरक्षा के लिहाज से महसूस किया गया तो ऐसे उपाय किए जाएंगे। वैसे आमेर महल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। वहां सुरक्षा गार्ड तैनात हैं, जो हर स्थिति से निबटने के लिए तैयार रहते हैं।





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