HomeNewsRajasthanAjmer Ajmer

गुनाहों की सजा

अजमेर. juअतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक प्रथम) महावीर प्रसाद शर्मा ने सामूहिक ज्यादती के 15 साल पुराने मामले में शुक्रवार को दो व्यक्तियों को दस-दस साल कैद और दो-दो हजार रुपए जुर्माना किया है। जुर्माना नहीं चुकाने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। दोषियों में से एक रेलकर्मी है।

अदालती ने रेलवे अस्पताल के नजदीक रेलवे कॉलोनी में रहने वाले हरजिन्दर सिंह और सुरजीत सिंह को भादसं की धारा 376 (2)(जी) के तहत दस-दस साल और हरजिन्दर को ही भादसं की धारा 366 के तहत 5 साल की सजा सुनाई है।

दोनों मामलों में एक-एक हजार रुपए जुर्माना और अदम अदायगी पर छह-छह माह के कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने दोनों दोषियों को भादसं की धारा 365 और 368 के आरोपों से बरी कर दिया है। हरजिंदर रेलवे के लोको कारखाने में काम करता है जबकि सुरजीतसिंह भगवानगंज सांसी बस्ती निवासी मलका सांसन का पति है।

सरकार के पैरोकार एडीपी रामसिंह के मुताबिक घटना 13 अप्रैल 1993 की है। जौंसगंज क्षेत्र में रहने वाली 22 वर्षीय युवती को हरजिन्दर बहला फुसलाकर सुरजीत के घर ले गया, जहां उससे सामूहिक ज्यादती की गई। रिपोर्ट में पीड़ित युवती ने बताया था कि हरजिंदर का उनके घर आना-जाना था। घटना के दिन वह यह बताने आया था कि उसने नई गाड़ी (मोपेड) ली है, मिठाई लाना भूल गया। उस समय उसके पास मोपेड नहीं थी। उसे ऑटो रिक्शा में बैठाकर हरजिंदर भगवानगंज सांसी बस्ती स्थिति सूने इलाके में मलका सांसन के घर ले गया।

16 गवाह-17 दस्तावेज
अभियोजन ने 16 गवाह और 17 दस्तावेज पेश किए। गवाहों में मलका पत्नी सुरजीतसिंह, सुभाष रानी, कैलाश पक्षद्रोही घोषित कर दिए गए थे।

विधवा को जलाने वाले को उम्रकैद

किशनगढ़, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रेक) धर्मदत्त शर्मा ने विधवा पर पेट्रोल डालकर हत्या करने के आरोपी युवक को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

हत्या का आरोपी आजाद नगर निवासी गोपाल सिंह पुत्र लक्ष्मीनारायाण राजपुरोहित है। जिस पर 27 नवंबर 2005 को आजाद नगर निवासी बेवा नंदूदेवी प्रजापत पत्नी स्वर्गीय रामदेव कुमावत पर भाई ओमसिंह के सहयोग से पेट्रोल डालकर आग लगाकर हत्या कर देने का आरोप था। उक्त आरोप में मदनगंज पुलिस ने 28 अप्रैल 2006 को गोपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। तब से ही गोपालसिंह जेल में बंद था।

न्यायालय में सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाह मृतका की दत्तक पुत्री प्रेमदेवी व कानी देवी के अलावा मृतका के मृत्युपरान्त बयान व अपर लोक अभियोजक दिनेश जोशी के तर्को के आधार पर धारा 302 में आरोपी का दोषी मानते हुए गोपाल सिंह को आजीवन कारावास व 1 हजार रुपए आर्थिक दंड की सजा सुनाई।

एक आरोपी अभी भी फरार
हत्या के मामले में दोनों भाई ओमसिंह व गोपाल सिंह आरोपी थे। पुलिस ने 29 अप्रैल 06 को गोपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। मगर दूसरा आरोपी अभी तक फरार चल रहा है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: