अजमेर.
राज्य सरकार ने अजमेर जेल में बंद बहुचर्चित ब्लैकमेल कांड के सरगना एवं युवक कांग्रेस के पूर्व नेता सैयद नफीस चिश्ती को जोधपुर जेल भेज दिया है।
इस कांड का प्रमुख अभियुक्त युवक कांग्रेस का पूर्व शहर अध्यक्ष सैयद फारूख चिश्ती भी हाल ही में सूरत जेल भेज दिया गया है।नफीस के भतीजे सैयद बाबर को भी सूरत जेल भेजा जा चुका है।
माना जा रहा है कि जेल के भीतर जड़े जमा चुके संगठित गुंडा गिरोह की कमर तोड़ने के लिए यह कदम उठाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक नफीस को जेल प्रशासन ने शुक्रवार की देर शाम अचानक जोधपुर जेल रवानगी के आदेश थमाए।
अजमेर पुलिस का विशेष जाप्ता जेल पहुंचा और नफीस को लेकर आनन-फानन में जोधपुर रवाना हो गया। चूंकि रवानगी देरी से हुई, इसीलिए उसे शनिवार की सुबह ही जोधपुर सेंट्रल जेल पहुंचाया जाएगा।
पहले हफ्ते ही भेज दिया था जोधपुर
नफीस को राज्य सरकार ने मई के पहले हफ्ते में ही अचानक जोधपुर जेल भेज दिया था, लेकिन उसने सरकार के इस कदम के खिलाफ अजमेर की एक निचली अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर दिया था। लगातार पेशियां होने के कारण सरकार उसे वापस जोधपुर नहीं भेज पा रही थी। शुक्रवार को इस प्रकरण पर सुनवाई थी।
अदालत ने 27 मई की तारीख दी। लिहाजा तारीख मिलते ही राज्य सरकार ने उच्च स्तर पर नफीस को तत्काल जोधपुर जेल भेजने का निर्णय किया। डीजी (जेल) के आदेश से नफीस को जोधपुर जेल रवाना कर दिया गया। यह तमाम कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई कि नफीस को रवानगी के समय ही पता चला।