HomeNewsRajasthanBikaner Bikaner

स्कूलों में प्रवेशोत्सव की स्थिति पुअर

बीकानेर. प्रदेश की सरकारी स्कूलों में प्रवेशोत्सव की स्थिति खास अच्छी नहीं रही। निरीक्षण भी दो दर्जन जिलों में ही हो सका। कुछ अधिकारी तो जा ही नहीं सके।

प्रदेश की सरकारी स्कूलों में प्रवेशोत्सव का अंतिम दिन था। प्रवेशोत्सव का निरीक्षण करने के लिए प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. के.के.पाठक ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के करीब एक दर्जन अधिकारियों की ड्युटियां लगाई थी। इनमें कुछ अधिकारी को निरीक्षण पर ही नहीं जा सके। कुछ के अनुभव अच्छे नहीं रहे। निरीक्षण पर गए अधिकारी गुरुवार की रात तक वापस लौट आए। इसकी रिपोर्ट सोमवार तक निदेशक को सौंपी जाएगी। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले झालावाड़ सहित कोटा, बूंदी और बारां में प्रवेशोत्सव की स्थिति आशानुरूप नहीं थी।

अतिरिक्त निदेशक (शैक्षिक) गायत्री विजय तथा अनुभाग अधिकारी राकेश भटनागर के दल ने इन जिलों की स्कूलों का निरीक्षण किया तो 80 फीसदी बच्चे अनुपस्थित पाए गए, जबकि रजिस्टर में बच्चों की संख्या कहीं 100 तो कहीं 150 दर्शायी हुई थी। पहले से नामांकित बच्चे ही स्कूल नहीं आ रहे थे, नयों के प्रवेश लेने की बात को बहुत दूर थी। एक उप्रावि की 8वीं कक्षा में कुल 17 बच्चे थे।

सभी परीक्षा में पास हो गए लेकिन टीसी लेने अब तक एक भी बच्च नहीं पहुंचा। निरीक्षण में प्रवेशोत्सव के औचित्य पर भी सवाल उठे। शैक्षिक स्टाफ ने वापस एक जुलाई से ही प्रवेशोत्सव मनाने के सुझाव निरीक्षण दल को दिए। इस मुद्दे पर शीघ्र ही उपनिदेशकों की समीक्षात्मक बैठक बुलाएगा।

प्रवेशोत्सव का असर मिलाजुला रहा। शैक्षिक स्टाफ मिला लेकिन नामांकित बच्चे ही अनुपस्थित मिले। अधिकांश बच्चे छुट्टी पर थे। अब प्रवेश जुलाई में होंगे।
-गायत्री विजय, अतिरिक्त निदेशक (शैक्षिक)

जयपुर-बीकानेर में नहीं हुआ निरीक्षण
निदेशालय स्तर पर जयपुर और बीकानेर संभाग की स्कूलों का निरीक्षण ही नहीं हो सका। दोनों संभागों की स्कूलों के निरीक्षण के जिन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई थी वे जा ही नहीं सके। निदेशालय में अधिकारियों की कमी होने के कारण अन्य अधिकारी को लगाया नहीं जा सका। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय अब उप निदेशकों से प्रवेशोत्सव की रिपोर्ट मांगेगा।

यह मिली कमियां
>> मई में प्रवेशोत्सव के औचित्य पर सवाल
>> परीक्षा समाप्त होने के बाद बच्चे कुछ दिन छुट्टियों पर रहना चाहते हैं।
>> भीषण गर्मी में तीन घंटे का स्कूल प्रवेशोत्सव में बाधक
>> जुलाई में प्रवेश लेने की धारणा होना।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: