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जोर-आजमाइश में बीते पांच साल

बीकानेर. यूजीसी की ग्रांट लेने के लिए बीकानेर विवि 12-बी में दर्ज होने के लिए लाख कोशिश कर रहा है लेकिन सफलता हाथ नहीं लग रही। हालत यह है कि प्रोफेसर पदों की मांग करने वाले विवि को अब सहायक कर्मचारियों के पद स्वीकृत कराने में पसीना छूट रहा है।

शैक्षणिक पदों को स्वीकृत कराने में सरकार का वित्त विभाग बाधा बन गया है। इसी कारण विवि के सभी विभागों में एक प्रोफेसर, एक रीडर व एक लेक्चरार नहीं मिल पा रहा है। वित्त विभाग अब नॉन टीचिंग के पदों में भी व्यवधान पैदा कर रहा है।

सरकार की इस नीयत के कारण विवि स्थापित होने के साथ ही संघर्ष में जुटा है। बीकानेर विवि के साथ अन्य जितने भी विवि स्थापित हुए हैं वहां अधिकांश पदों को भर दिया गया लेकिन बीकानेर विवि के साथ लगातार सौतेला व्यवहार हो रहा है। छात्र संगठनों से लेकर प्रशासनिक स्तर पर सरकार से इस बारे में बात की गई लेकिन विवि के स्टाफ में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है।

दो दर्जन कर्मचारियों के भरोसे विवि 179 कॉलेजों के सवा लाख छात्रों की परीक्षा व्यवस्था का संचालन कर रहा है। जून में फिर राज्यपाल ने प्रदेश के सभी कुलपतियों की बैठक बुलाई है। विवि अपनी ओर से पद स्वीकृत कराने के लिए फिर कोशिश करेगा लेकिन जब तक सरकार की अनुकंपा नहीं होगी तब तक विवि के दिन फिरेंगे।





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