बीकानेर. बीकानेर नगर परिषद क्षेत्र में बनने वाले नए मकानों की स्वीकृतियां जारी करने के लिए नई उपविधियों को सरकार ने सहमति दे दी है। नगर परिषद की साधारण सभा से पारित इस प्रस्ताव का गजट नोटिफिकेशन कर दिया गया है।
इसके साथ ही अब नई जारी होने वाली इजाजत तामीर के लिए नई व्यवस्था होगी। आवेदन शुल्क लगभग चार गुना हो जाएगा वहीं आवासीय भूखंडों के आकार के आधार पर शुल्क वसूला जाएगा। पहले जहां आवेदन शुल्क 25 रुपए था वहीं अब इसे सौ रुपए कर दिया गया है। इसके अलावा जांच, अनुज्ञा और मलबा शुल्क के तौर पर एक सामान्य आवेदक पर कम से कम 1100 रुपए खर्च आएगा।
वर्षा जल के पुनर्भरण के लिए भी अमानत राशि के रूप में तीन से दस हजार तक वसूले जाएंगे। इसके साथ ही आवेदक के लिए कुछ विशेष प्रकार की छूट का प्रावधान भी किया गया है। जैसे आवासीय भवनों के निर्माण के लिए आवेदक को विस्तृत मानचित्र प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं होगी। केवल स्थल मानचित्र में प्रस्तावित सैटबेक दर्शाते हुए निर्धारित प्रारूप में आवेदन एवं दास्ताव व देय शुल्क के साथ ही निर्माण कार्य शुरू करवाया जा सकेगा।
व्यावसायिक निर्माण के लिए अनुमोदित डिजाइन संलग्न करेगा और दूसरी औपचारिकताएं पूरी करते हुए निर्माण शुरू करवा सकेगा। पुराने शहर में पारंपरिक रूप से बने हुए मकान में सैटबेक के बगैर भी नियमानुसार स्वीकृति दी जा सकेगी लेकिन शहर के बाहरी क्षेत्र में सैटबेक आदि रखने होंगे। नए बिल्डिंग बायलॉज में कुछ खास प्रकृति के व्यवसायों को आवासीय क्षेत्रों में करने की छूट है लेकिन इसके लिए सीमा का निर्धारण किया गया है। एडवोकेट, इंजीनियर, डॉक्टर, वास्तुविद, चार्टड अकाउंटेंट, वित्तीय सलाहकार आदि किसी भी मंजिल पर उस मंजिल का 25 प्रतिशत हिस्सा या सौ वर्गमीटर क्षेत्र में स्वनियोजन व्यवसाय कर सकते हैं।
इसके अलावा भी आवासीय व व्यावसायिक स्थल की ऊंचाई, पार्किग आदि से संबंधित भी नियम है जिसके लिए विशेषज्ञों की रिपोर्टिग को ही सही माना जाएगा। वर्षा के जन पुनर्भरण व संग्रहण संरचना के लिए अमानत राशि का प्रावधान किया गया है। अगर मकान निर्माण में यह व्यवस्था नहीं की जाती है तो राशि जब्त भी कर ली जाएगी।
भवन निर्माण संबंधी नए नियमों का गजट नोटिफिकेशन होने के बाद नगर परिषद को काफी फायदा होगा। गृहकर समाप्त कर देने के बाद नगर परिषद को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा था। इस वजह से हमने बिल्डिंग बायलॉज पारित करके भेजे थे, सरकार की स्वीकृति के बाद अब इन्हें बीकानेर में लागू कर दिया है।
-मकसूद अहमद, सभापति, नगर परिषद