कोटा. राज्य में आईआईटी खोले जाने पर हो रही देरी पर रक्षात्मक हुई कांग्रेस ने बाधाओं के लिए मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने कोटा के लिए कैबिनेट से विधिवत स्वीकृत प्रस्ताव केन्द्र को नहीं भेजा, न ही एक्सपर्ट कमेटी ने अब तक कोटा के बारे में कोई सिफारिश की है। उनका यह भी आरोप है, मुख्यमंत्री इस मामले में केवल राजनीति कर रही हैं।
जोशी ने स्थानीय सर्किट हाउस में शुक्रवार को खबरनवीसों से बातचीत में कहा कि यदि एक्सपर्ट्स कमेटी ने कोटा में आईआईटी खोलने की सिफारिश की है, तो कांग्रेस सहयोग करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, कायदे से कोई भी प्रस्ताव केवल मुख्यमंत्री नहीं भेज सकती, उस पर कैबिनेट की विधिवत स्वीकृति जरूरी है। आईआईटी के मामले में मुख्यमंत्री ने बिना कैबिनेट की मंजूरी के प्रस्ताव केन्द्र को भिजवा दिया, इस कारण यह मामला रुका हुआ है।
उन्होंने सफाई दी, कांग्रेस चाहती है कि राजस्थान में एक्सपर्ट्स कमेटी की सिफारिश पर उचित जगह आईआईटी खुले, भले वह जगह कोटा ही हो। निरीक्षण के लिए कोटा आई कमेटी ने अभी तक अपनी ओर से कोई सिफारिश नहीं की।
यदि मुख्यमंत्री के पास सिफारिश की चिट्ठी है, तो वह दिखाएं, कांग्रेसी नेता उसे लेकर केन्द्र सरकार व मानव संसाधन मंत्री से मिलेंगे। भाजपा सरकार स्वयं नहीं चाहती कि कोटा में आईआईटी खुले, इसलिए कभी इस मामले में विपक्ष से चर्चा करना तक मुनासिब नहीं समझा, न ही अब तक मानव संसाधन मंत्री अजरुन सिंह से मिलने की ही जरूरत समझी।
सुशासन होगा चुनावी मुद्दा
उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा में कांग्रेस का चुनावी मुद्दा सुशासन होगा। इसमें पारदर्शिता होगी, भाजपा सरकार की विफलता व भ्रष्टाचार के मामले होंगे। इसमें नौजवानों को रोजगार व रोजगार के संसाधन मुहैया करवाना भी शामिल होगा। भाजपा सरकार में आज जिन मंत्रियों की जमीनों व भ्रष्टाचार की जांच हो रही है, उनके मामले कांग्रेस ने ही विधानसभा में उठाए थे।
कांग्रेस किसी भी भ्रष्टाचार को भूली नहीं है। चाहे वह बागवानी घोटाला हो या कोटा को उमेश शर्मा हत्याकांड, कांग्रेस एक रणनीति के तहत कार्य कर रही है। कांग्रेस की सरकार आने पर इन सबकी जांच होगी और दोषियों को सजा मिलेगी।