कोटा.
बच्चों से अति महत्वाकांक्षा और उम्मीदें ज्यादा रखने से वे कम उम्र में ही मानसिक दबाव में आकर हाइपरटेंशन यानि उच्च रक्तचाप जैसी बीमारी के शिकार हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कभी 60 साल की उम्र में होने वाला यह रोग अब 20 से 25 साल की उम्र में ही सामने आ रहा है।
पारिवारिक, आर्थिक और भावनात्मक तनाव ज्यादा होने से हाइपरटेंशन के मामले बढ़ रहे हैं। 90 से 95 फीसदी मामलों में ब्लडप्रेशर बढ़ने के कारणों का पता नहीं चल पाता है। इसे इडियोपैथिक हाइपरटेंशन कहा जाता है। जबकि 5 से 10 फीसदी में सेकंडरी हाइपरटेंशन होता है। इसमें सिरदर्द, हाथ पैरों में दर्द, पैरों में सूजन, चिड़चिड़ापन, सीने में दर्द जैसी शिकायत होती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
योग-प्राणायाम से मिलेगी राहत
25 साल से कम उम्र में भी हाइपरटेंशन के मामले सामने आ रहे हैं। उच्च रक्तचाप का असर आंख, मस्तिष्क, हार्ट और किडनी पर हो सकता है। इससे ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक और किडनी फैल्योर भी हो सकते हैं। बचाव के लिए नियमित उपचार लें और योग व प्राणायाम करके दिनचर्या व्यवस्थित रखें।
- डॉ. संजीव गर्ग, हार्ट स्पेशलिस्ट, अपोलो-मोदी हॉस्पीटल
यह है ‘साइलेंट किलर’
हाइपरटेंशन के कोई लक्षण नजर नहीं आते हैं। वंशानुगतकारण, बीमारियों से या अत्यधिक तनावपूर्ण स्थितियों में काम करने से हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है। 40 साल के बाद नियमित ब्लडप्रेशर की जांच कराएं। रोज 20 मिनट व्यायाम करें। रेशेदार सब्जियां, फल, वसा रहित दूध, दही व छाछ का सेवन करने से ब्लडप्रेशर संतुलित रहता है।
- डॉ. गिरीश वर्मा, सीनियर फिजीशियन, एमबीएस हॉस्पीटल
चिंता से बढ़ता है ब्लडप्रेशर
ज्यादा काम करने या पढ़ाई की चिंता से तनावग्रस्त रहने से ब्लडप्रेशर बढ़ता है। कई बार डिप्रेशन के रोगियों में भी यह बढ़ जाता है। किसी मानसिक या शारीरिक बीमारी से बढ़ने वाला रक्तचाप बीमारी ठीक होने के बाद सामान्य हो जाता है। कोई भी डिसआर्डर होने पर 4 से 6 माह पूरा उपचार लें।
- डॉ.डीके शर्मा, विभागाध्यक्ष, मनोचिकित्सा विभाग, एमबीएस
इनको हो सकता है उच्चरक्तचाप
>> धुम्रपान और शराब का सेवन करने वालों में उच्च रक्तचाप की शिकायत रहती है।
>> जिनके परिवार में किसी सदस्य को हाई ब्लडप्रेशर हो, उनको यह कम उम्र में भी हो सकता है।
>> किडनी में कोई इंफेक्शन होने पर।
>> स्ट्रेस या एंग्जाइटी लेवल ज्यादा होने पर भी बीपी बढ़ सकता है।
>> अंतस्त्रावी ग्रंथियों से या कम उम्र में प्रिगनेंसी होने पर हाइपरटेंशन हो सकता है।
>> लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने वालों में हाइपरटेंशन हो सकता है।