उदयपुर. शहर के भीतरी भीड़भाड़ वाले इलाकों को बाजार के व्यापारियों ने असुरक्षित करार दिया है। शहरकोट में घंटाघर क्षेत्र में जेवरात के 30 बड़े शोरूम हैं। आभूषण के कारोबार से जुड़े करीब छह सौ छोटे प्रतिष्ठान है किंतु इस बड़े बाजार में सुरक्षा को लेकर बड़ा सुराख है। मालदास स्ट्रीट, बड़ा बाजार, धानमंडी, तीज का चौक, मुखर्जी चौक जैसे अंदरूनी बाजार भी असुरक्षित हैं। ‘भास्कर’द्वारा इन इलाकों में रहने वाले लोगों से चर्चा करने पर यह बात सामने आई है।
ये है असुरक्षित बाजार
घंटाघर, बड़ा बाजार, मोती चौहट्टा, भटियानी चौहट्टा, मालदास स्ट्रीट, धानमंडी, तीज का चौक, मुखर्जी चौक और सिंधी बाजार जैसे इलाकों के बाजार में दिनभर भीड़भाड़ रहती है किंतु किसी भी वारदात को रोकने के या निबटने के लिए, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं है। मधुबन में भी सैकड़ों लोगों की आवाजाही रहती है। इस इलाके में आइसीआइसीआई बैंक सहित काम्पलेक्स में कई निजी संस्थान चलते हैं। यहां भी सुरक्षा व्यवस्था की निहायत जरुरत है।
सुरक्षित नहीं सर्राफा व्यवसाय
शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्रमुख घंटाघर क्षेत्र में बड़ा बाजार, सिंधी बाजार, व मोती चौहट्टा में ज्यादातर सर्राफा व्यापारी हैं। इस बाजार में सोने-जवाहरात के तीस बड़े शोरूम तथा करीब छह सौ प्रतिष्ठान हैं। इन इलाकों में सुबह से लेकर रात तक भीड़ भाड़ रहती है।
अधिकारी बदले, व्यवस्था बदली
व्यापारियों के अनुसार जयपुर बम धमाकों के बाद भी पुलिस प्रशासन की ओर से सर्राफा बाजार सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हो पाए हैं। सर्राफा (सोना-चांदी) एसोसिएशन के अध्यक्ष इंदरसिंह मेहता का कहना है कि सर्राफा बाजार तो बिल्कुल सुरक्षित नहीं है। उन्होंने बताया कि उदयपुर के तत्कालीन एसपी दिनेश एमएन के कार्यकाल में घंटाघर, बड़ा बाजार सहित आसपास के बाजारों में सुरक्षा के मद्देनजर दिन में भी दो सशस्त्र जवान गश्त करते थे, जिससे कभी कोई अप्रिय वारदात नहीं हुई किंतु अधिकारी की बदली के साथ ही यह व्यवस्था भी समाप्त हो गई। वे पुलिस प्रशासन को सर्राफा एसोसिएशन की तरफ से हर सहायता करने को तैयार है।
भीतरी इलाकों के प्रवेशद्वार सूरजपोल, हाथीपोल व चांदपोल दरवाजे पर भी सुरक्षा की व्यवस्था जरूरी है ताकि अपराधी वारदात के बाद भागने में कामयाब नहीं हो सके। धानमंडी के व्यवसायी लाजपत जैन ने बताया शहर के सबसे व्यस्ततम बाजारों में से एक धानमंडी में भी दिनभर में किसी संदिग्ध व्यक्ति पर पुलिस की कोई निगरानी नहीं रहती। सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं दिखती।
एएसपी सिटी राजेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि जयपुर बम ब्लास्ट की घटना के बाद से ही शहर भर के भीड़भाड वाले बाजार में विशेष निगरानी की जा रही है। पहले की अपेक्षा सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। व्यापारियों से भी अपील हैं कि वे स्वयं भी सतर्क रहे।