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पंजाब मॉडल से ही आतंक का खात्मा

उदयपुर. देश में आतंकवाद को जड़ से मिटाने के लिए हमें संकल्प लेना होगा। अपने जनप्रतिनिधियों से पूछना होगा कि आखिर लोकतंत्र के मंदिर पर हमला करने वाले अपराधी को फांसी पर क्यों नहीं लटकाया जाता।

यह विचार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह प्रांत प्रचारक श्रीवर्धन ने व्यक्त किए। वे शुक्रवार को यहां नगर परिषद प्रांगण में आरएसएस उदयपुर महानगर इकाई की ओर से जयपुर बम विस्फोट में शहीद हुए लोगों के लिए आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बोल रहे थे। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वे समाज के नेताओं से पूछे कि आतंकवादी की सजा को क्यों रोका गया? जिस तेजी से बांग्लादेश के लोग भारत में घुसपैठ कर रहे है वह देश की सुरक्षा के हित में नहीं है।

संघ के चित्तौड़गढ़ प्रांत के सह संघचालक भगवती प्रसाद शर्मा ने कहा कि श्रद्धाजंलि सभा करने से काम नहीं चलेगा, आतंकवादियों से निपटने के लिए भीम की तरह प्रतिज्ञा लेकर भीम पराक्रम को जागृत करना होगा। विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मंत्री प्रो. सुरेंद्र जैन ने कहा कि आतंकवाद को नष्ट करने पंजाब मॉडल अपनाना जरूरी है।

पंजाब में ‘किल देम बिफोर दे किल अस’ के नारे से ही शांति आई। सिख समाज के हरजीत सिंह ने कहा कि पीठ पीछे हमला कर निर्दोषों का खून करना कायरता है। सिंधी समाज के प्रभुदास पाहुजा ने कहा कि जयपुर में हुए आतंकी हमले की समाज निंदा करता है। इस मौके पर सांसद किरण माहेश्वरी, नगर परिषद सभापति रवींद्र श्रीमाली सहित 40 से अधिक संगठनों व समाज के साढ़े सात सौ से अधिक लोगों ने भाग लिया।

महाशक्ति बन सकता है भारत
अमेरिका में हिन्दू विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ. महेश भाई मेहता ने कहा कि भारत के पास वे सभी शक्तियां विद्यमान हैं जो उसे विश्व की महाशक्ति बना सकती है। डॉ. मेहता ने शुक्रवार को निंबार्क शिक्षक महाविद्यालय सभागार में भारत को महाशक्ति बनाओ विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि भारत के ऋषि मुनियों ने धर्म को केंद्रित करते हुए दुनिया को आध्यात्म का पाठ पढ़ाया है जबकि आज विश्व में धर्म नहीं अर्थ केंद्र बिन्दु बन चुका है। विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि देश के 122 जिले आतंकवाद से ग्रस्त हैं। देश में सुरक्षा नीति पर ध्यान देने की जरुरत है।

कहां किसने क्या कहा..
काÊाी-ए-शरीयत मेवाड़, और हुसैनी मस्जिद धोली बावड़ी के खतीब मौलाना शाकिरूल क़ादरी ने कहा कि कुरान का फरमान है- ‘ला तुफ से दु फिल अर्द।’ यानी जमीन पर फसाद न करो। रसुलल्ला की हदीस है कि ‘हुब्बुल वतन मिनल इमान’ यानी मुल्क से मुहब्बत इमान का हिस्सा है। जो लोग कुरान और हदीस के इन फरमान पर अमल न करें, वे सच्चे मुसलमान नहीं हो सकते। जिन भी लोगों ने जयपुर की वारदात को अंजाम दिया, उनका मजहब से कोई ताल्लुक नहीं है, ऐसे लोग सिर्फ इंसानियत के दुश्मन हो सकते हैं, किसी धर्म के वफादार नहीं।

आयड़ की मदीना मस्जिद के हाफिज मोहम्मद अफ़Êाल बरक़ाती ने कहा कि जब इस्लाम वजू में तक पानी को फिजूल बहने की इजाजत नहीं देता तो इंसान का नाहक खून बहाने की बात कैसे कर सकता है। हर मुसलमान हिंदुस्तान का सच्च सिपाही है। आजादी के पहले आंदोलन में जिस तरह हिंदू मुस्लिम एकता के आगे ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिल र्गई, वैसे ही मुल्क के वाशिंदों को एकता का सबूत देना चाहिए।





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