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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. पीयू में 2 दिन के दौरे पर आई यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) की टीम पीयू की ओर से सौंपे गए 55 करोड़ की ग्रांट के प्रपोजल लेकर वापस लौटी है। डॉ. शमीम जयराज पुरी की अगुआई में पीयू के मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर और भविष्य के प्रोजेक्टों की पड़ताल के बाद वापस लौटी यह टीम अपनी रिपोर्ट यूजीसी को सौंपेगी। इसी आधार पर यूजीसी से पीयू को 11वीं योजना में मिलने वाली स्पेशल ग्रांट तय होगी।
यूजीसी टीम को डिपार्टमेंट्स ने भी प्रोजेक्टों के लिए ग्रांट के लिए प्रोजेक्ट सौंपे हैं। डिपार्टमेंट्स की ओर से करीब 25 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए ग्रांट मांगी गई है। इन डिपार्टमेंट के अलावा पीयू एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से अलग से पीयू की ओवरऑल डवलपमेंट को ध्यान में रखकर प्रोजेक्ट रिपोर्ट्स सौंपी गई हैं।
वीसी और एडमिनिस्ट्रेशन के आला अधिकारियों के साथ यूजीसी टीम की मीटिंग हुई। इस 70 मिनट की मीटिंग में पीयू की ओर से दी गई प्रेजेंटेशन में 30 करोड़ के प्रोजेक्ट यूजीसी को सौंपे गए हैं।
फोकस ओवरऑल डवलपमेंट पर
पीयू एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से इस टीम को सौंपे गए प्रोजेक्टों में सबसे ज्यादा फोकस ओवरऑल डवलपमेंट पर रहा है। पीयू की ओर से मौजूदा डिपार्टमेंट को और इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाने से लेकर नई सुविधाएं पैदा करने, वुमन एम्पावरमेंट, नए हॉस्टल, नए इंस्टीट्यूट शुरू करने के अलावा ऑडिटोरियम और मल्टी पर्पज इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने पर जोर दिया गया है।
‘प्रेजेंटेशन में कोई कमी नहीं’
पीयू के वीसी प्रो. आर.सी. सोबती कहते हैं कि मेरी कोशिश रही है कि पीयू की ओवरऑल डवलपमेंट के लिए ध्यान दिया जाए और इसमें हम कामयाब रहे हैं। हमारी ओर से प्रेजेंटेशन में कहीं कोई कमी नहीं रखी गई।