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देर रात तक भरे गए हजारों नामांकन

जालंधर. हजारों नामांकन, चंद मुलाजिम और ढल गई आधी रात। ग्राम पंचायत चुनावों के नामांकन के अंतिम दिन जिले में विभिन्न स्थानों पर स्थापित कार्यालयों में दिन भर भीड़ रही। अधिकारी नामांकन फाइलों में ही दबे हुए नजर आए और तपती दोपहरी ने पंचायती राज संस्थाओं में विश्वास प्रकट करने पहुंची जनता का जीना दुश्वार कर दिया।

यहीं बस नहीं हुई, इन हजारों नामांकनों की रिपोर्ट तैयार करते करते प्रशासन को आधी रात ढल गई। नामांकन का कार्य 13 मई को ही शुरू हो गया था लेकिन पहले तीन दिन तो ‘नाममात्र ही नामांकन’ हुए लेकिन अंतिम दिन शुक्रवार को हजारों की भीड़ नामांकन करने के लिए उमड़ पड़ी।

जिले की 898 ग्राम पंचायतों का चुनाव 26 मई को होना है। दैनिक भास्कर ने शुक्रवार के अंक में पहले ही प्रशासन को सचेत किया था कि नामांकन करने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ सकती है। हजारों की भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रात्रि दस बजे के बाद तक भी जिला मुख्यालय में असिस्टैंट डिस्ट्रिक्ट रिटर्निग आफिसर कार्यालय को जिले भर में हुए नामांकन का सही आंकड़ा मालूम नहीं था।

देर रात्रि तक जिले की विभिन्न सब डिवीजनों में बनाए गए वार्डो में नामांकन से संबंधित रिपोर्टे बनाने का कार्य लगातार जारी था। शुक्रवार को सूर्य देवता भी पूरी चमक दिखा रहे थे। कड़कती धूप में भी ग्रामीण क्षेत्रों के लोग संबंधित कार्यालयों पर डटे रहे। हालांकि नामंकन करने वालों में महिलाएं भी शामिल थीं और कार्यालयों पर छांव में बैठने और पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं थी।

अब नामांकन के पड़ताल की चुनौती : 17 मई यानी शनिवार को नामांकन पत्रों की पड़ताल की जाएगी। हजारों नामांकन पत्रों का जांच का कार्य भी किसी चुनौती से कम नहीं होगा। 19 मई को नामांकन वापस लिए जाने हैं। इसके बाद चुनाव चिन्ह अलाट करने और बैलेट पेपर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

रिटर्निग अधिकारियों का बुरा हाल : ग्राम पंचायत चुनाव में नामांकन लेने वाले रिटर्निग अधिकारियों का दिन भर बुरा हाल रहा। काबिले जिक्र है कि नामांकन ले रहा स्टाफ विभिन्न विभागों से संबंधित है और उसे मामूली ट्रेनिंग के बाद नामांकन लेने की बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी गई है। एक अधिकारी के पास औसतन 15 पंचायतें हैं।





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