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सितारों में छिपे डरे हुए बच्चे

परदे के पीछे.khan इस दौर के सितारे अपने क्रोध, दुख और कुंठा को छिपा नहीं पाते। गुजश्ता दौर में इतनी शालीनता थी कि सितारे अपने भीतरी जहर को उजागर नहीं करते थे। आजकल सितारों के बीच इंटरनेट ब्लॉग पर छाया युद्ध चल रहा है। अंतस की भड़ास को उजागर करने के लिए नया माध्यम चुन लिया गया है।

आमिर खान को शाहरुख की व्यावसायिक सफलता से ईष्र्या हो सकती है। उन्होंने अपने कुत्ते का नाम शाहरुख रखा है और यह बात अपने ब्लॉग पर उजागर की, जहां से उसे मीडिया ने उड़ा लिया। शाहरुख ने बयान दिया कि वे और आमिर मित्र हैं और इस तरह के मजाक का वे बुरा नहीं मानते। शाहरुख को शायद इसलिए ऐसा कहना पड़ा कि वे स्वयं दूसरों का मखौल उड़ाते रहते हैं।

दूसरी तरफ अमिताभ बच्चन अपने ब्लॉग पर स्वयं की कामयाबी की तुलना में शाहरुख कितने छोटे हैं, इसके चार्ट प्रस्तुत करते हैं और साथ ही अपने आलोचकों को खरी-खोटी सुनाते हैं। एक जमाने में आलोचक खालिद मोहम्मद उनके मित्र थे और उनके साठवें जन्मदिन पर जया बच्चन द्वारा प्रकाशित किताब ‘टू बी और नॉट टू बी’ के संपादक भी रहे हैं। आजकल खालिद बच्चन विरोधी हो गए हैं। amit

अमिताभ खालिद की आलोचना से इतने व्यथित हुए कि उन्होंने उसे खालिदा तक कह डाला। दरअसल जब तक खालिद टाइम्स में महत्वपूर्ण पद पर थे, तब तक फिल्म वाले उन्हें आदर देते थे। टाइम्स से अलग होने के बाद उन्हें असलियत मालूम पड़ी। अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग पर अपनी दर्जनों असफल फिल्मों का जिक्र नहीं किया।

यह सच है कि सितारों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा हमेशा रही है, परंतु इस दौर के सितारे अपने क्रोध, दुख और कुंठा को छिपा नहीं पाते। गुजश्ता दौर में इतनी शालीनता थी कि सितारे अपने भीतरी जहर को उजागर नहीं करते थे। आज के मीडिया द्वारा विकृत दौर में सितारों से अपना टुच्चापन छिपाए नहीं छुप रहा है।

आज के सितारों के बीच प्रतिस्पर्धा की जड़ में प्रेमिकाएं नहीं हैं, वरन बैंक में जमा राशि है। बीते दौर में वैजयंतीमाला को लेकर दिलीप कुमार और राज कपूर के बीच गहरा तनाव था। सायरा बानो को लेकर राजेंद्र कुमार और दिलीप में तनाव हुआ था। आज के सितारे पूंजी के संचय को प्रेमिका से ज्यादा महत्व देते हैं। पूरी दुनिया की सोच का केंद्र ही बदल गया है।

सब भाग रहे हैं और कोई कहीं पहुंच नहीं रहा है। प्रतिद्वंद्वी के महल चौबारे सीने में धंसे जा रहे हैं। जब आप इस तरह के युद्ध में शामिल होते हैं, तब यह भूल जाते हैं कि दुश्मनी की वजह से चौबीस घंटे उसका ख्याल आपके दिल में मंडराता रहता है और आपकी सोच पूरी तरह से दुश्मनमय हो जाती है। सामने वाला तो आपके दिल में अपनी जगह बनाकर जीत गया है।





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