बागडोगरा (प. बंगाल). जयपुर में हुए श्रंखलाबद्ध विस्फोटों की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आतंकवाद सरीखे मुद्दे से निपटने के लिए संघीय अपराध एजेंसी (एफसीए) के गठन की वकालत की है। इसके अलावा उन्होंने भारत-अमेरिकी परमाणु करार को देशहित में बताते हुए कहा है कि इससे भारत का सामरिक कार्यक्रम अप्रभावित रहेगा। उन्होंने आशा जताई है कि वामदलों के बीच इस मसले पर बेहतर समझ कायम होगी।
भूटान की दो दिवसीय यात्रा से लौटने पर प्रधानमंत्री ने शनिवार को यहां एक प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि वे जयपुर बम धमाकों की जांच की स्थिति के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते, क्योंकि ऐसी बातों को जांच एजेंसियों पर ही छोड़ देना बेहतर है।
उन्होंने यह भी बताया कि आतंकवाद से निपटने के लिए एफसीए बनाने का समय आ गया है, क्योंकि यह मसला अब किसी एक स्थान तक सीमित नहीं रह गया है। उनके अनुसार केंद्र ने इस मुद्दे पर अंतर-राज्य परिषद की बैठकों में चर्चा की है, लेकिन राज्य ऐसी एजेंसी बनाने के प्रति अनिच्छुक हैं।
देखें और इंतजार करें : सिंह ने परमाणु करार पर अपने रुख को उचित बताते हुए कहा कि इसके प्रति पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ब्रजेश मिश्र तथा वैज्ञानिक समुदाय ने समर्थन जताया है। यह पूछे जाने पर कि क्या परमाणु करार संबंधी यूपीए-वाम समिति की 28 मई को होने वाली बैठक आखिरी होगी, उन्होंने इतना ही कहा, ‘इंतजार करें और देखें।’