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इसलिए बढ़ी महंगाई

अर्थ जगत. dearness ज्योतिष आधार पर भारत की राशि धनु है और धनु राशि अग्नि तत्व मानी जाती है। वर्तमान समय में बढ़ती महंगाई की अनेक वजहों में से एक वजह ज्योतिष के अनुसार अग्नि तत्व की धनु राशि है। महंगाई के कारण उत्पन्न हो रही व्याकुलता भी ज्योतिष से मिलती-जुलती है।

21 नवंबर के बाद 22 नवंबर 2007 समय सुबह 7.45 का ग्रहों की स्थिति इस प्रकार थी। लग्न में (प्रथम भाव) में धनु राशि अपने गुरू ग्रह के साथ है। धनु राशि का तत्व अग्नि तत्व माना जाता है और गुरू ग्रह का तत्व भी अग्नि है। ज्योतिष के सिद्धांत पर ध्यान देने के साथ ही यह भी ध्यान से देखें कि गुरू ग्रह की 7वीं दृष्टि सप्तम भाव (सातवें भाव) में स्थित मिथुन और वहां मौजूद मंगल ग्रह की स्थिति और मंगल ग्रह भी अग्नि तत्व माना जाता है।

और मंगल का संबंध भोजन से संबंधित खान-पान, अनाज इत्यादि से है। गुरू ग्रह रुपए-पैसे मुद्रा का ग्रह माना जाता है। इसलिए देश में अनाज और खाने-पीने की वस्तुएं महंगे होना ज्योतिष के आधार पर निश्चित था। इस कुंडली का अध्ययन करने के बाद स्पष्ट है कि सप्तम भाव में मिथुन राशि पर मंगल बैठा हुआ है और यह भाव पेट का माना जाता है।

पेट की भूख भोजन के बाद ही समाप्त होती है, इसलिए 21 नवंबर 2007 के बाद जब गुरू ने वृश्चिक राशि से निकलकर अपनी स्वयं की राशि धनु में प्रवेश किया तो अग्नि तत्व की धनु राशि में गुरु जाने से अग्नि तत्व में वृद्धि हुई। इस अग्नि तत्व के ग्रह ने भोजन से संबंधित अनाज तथा खानपान की चीजें महंगी की।

मंगल 1 जनवरी 2008 की ग्रह स्थिति ये है
लग्न में (प्रथम भाव) अग्नि तत्व की गुरू की राशि के साथ अग्नि तत्व के सूर्य ग्रह और साथ में बुध इन तीनों की दृष्टि पेट के स्थान सप्तम भाव में है। मिथुन राशि में मंगल अग्नि तत्व के ग्रह की स्थिति अनाज तथा खान पान के वस्तुओं की कीमतें बढ़ाने में ज्यादा से ज्यादा सहायक सिद्ध हो रही है। इसलिए खासतौर पर देश में महंगाई 22 नवंबर 2007 के बाद बढ़ना शुरू हुई और नए वर्ष 1 जनवरी २क्क्८ के बाद वर्ष की शुरुआत में सूर्य ग्रह की वजह से महंगाई धीरे-धीरे बढ़ती गई है।

22 नवंबर 2007 की कुंडली और 1 जनवरी २क्क्८ की कुंडली पर ध्यान देने के बाद स्पष्ट होता है कि महंगाई बढ़ाने में गुरू ग्रह की मुख्य भूमिका है और जब तक गुरू ग्रह की स्थिति नहीं बदलती तब तक महंगाई अपनी चरम सीमा पर रहेगी।

जैसे ही गुरू 9 दिसंबर 2008 के बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे वैसे ही शनि ग्रह की राशि मानी जाने वाली मकर राशि अपने स्वभाव गुण के अनुसार महंगाई में धीरे-धीरे नियंत्रण करने में सहायक सिद्ध होगी। कुल मिलाकार ज्योतिष के आधार पर महंगाई पर नियंत्रण 10 दिसंबर 2008 के बाद ही होगा।





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