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Dalal Street Dalal Street नई दिल्ली. कच्चे तेल की कीमत, महंगाई व वैश्विक पूंजी बाजारों से मिले रुझान आने वाले सप्ताह घरेलू शेयर बाजार के लिए दिशा तय कर सकते हैं। बीते सप्ताह के दौरान भी इन्हीं सारे संकेतों के मद्देनजर घरेलू शेयर बाजार अपनी राह चले। जहां तक वित्तीय संस्थानों व कंपनियों के वित्तीय नतीजे का प्रश्न है, तकरीबन ज्यादातर के नतीजे आ चुके हैं, इसलिए वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक गतिविधियों के प्रति निवेशकों का रुख करना लाजिमी है।
अभी तक जिन 1,886 कंपनियों के वित्तीय नतीजे आए हैं, उनके शुद्ध मुनाफे में वर्ष की अंतिम तिमाही के दौरान पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 22.60 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार सप्ताह के दौरान केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) से जारी होने वाले महंगाई आकड़ों पर भी निवेशकों की निगाहें होंगी।
इस महीने की 10 मई को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान देश में महंगाई दर 7.82 फीसदी रही। गत 3 मई को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान महंगाई दर 7.83 फीसदी थी। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि, डॉलर की तुलना में रुपये में कमजोरी व पूंजी के अंतर्प्रवाह में कमी को देखते हुए महंगाई दर में कमी की संभावना कम ही है।
अंतर बैंकिंग मुद्रा विनिमय बाजार में सप्ताहांत एक डॉलर 42.70/71 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। तेल की कीमतों में वृद्धि को लेकर जारी ऊहापोह से निवेशक खासे परेशान हैं। प्रधानमंत्री आवास पर सप्ताहांत बुलाई गई बैठक के बाद संवादाताओं से बातचीत में तेल व प्राकृतिक गैस मंत्रालय में सचिव श्रीनिवासन ने हालांकि संकेत दिया कि सरकार अगले 3 से 4 दिनों में तेल की कीमतों में वृद्धि की घोषणा कर सकती है।
इससे पहले तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलने के बाद संवादाताओं से बातचीत में देवड़ा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर तेल कंपनियों को लगातार हो रहे घाटे से राहत प्रदान करने के लिए पेट्रोल, गेसोलिन व डीजल की कीमतों में वृद्धि तय है लेकिन सरकार से अंतिम मंजूरी मिलने में तकरीबन एक सप्ताह की देर हो सकती है।