न्यूयॉर्क. अमेरिका के वैज्ञानिकों ने रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण लकवे का शिकार हुए लोगों को उम्मीद की किरण दिखाई है। वैज्ञानिकों ने ऐसे तंत्र की खोज की है जिसके माध्यम से शरीर के दूसरे अंगों तक मस्तिष्क के संकेत पहुंचाए जा सकते हैं।
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने खोज के तहत रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण लकवे का शिकार हुए चूहों में चलने-फिरने की क्षमता पैदा की है। अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार यह खोज इस स्थिति के शिकार लोगों के लिए इलाज की तकनीक खोजने का जरिया बनेगी।
गौरतलब है कि रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण इसमें मौजूद स्नायु तंत्रिकाएं नष्ट हो जाती हैं। इसके चलते मस्तिष्क के संकेत शरीर के दूसरे अंगों तक नहीं पहुंच पाते हैं और मरीज लकवे का शिकार हो जाता है।
पोर्टल ‘सांइस डेली’ के अनुसार इस अध्ययन के आधार पर अनुसंधानकर्ताओं ने यह साबित किया है कि केंद्रीय स्नायु तंत्र संकेतों को पहुंचाने के लिए दूसरे मार्ग भी खोज लेता है।
अनुसंधानकर्ता माइकल सोफ्रोनियू के अनुसार, “अध्ययन में हमने पाया कि चोट की स्थिति में मस्तिष्क से आने वाले और उस तक पहुंचने वाले संकेतों ने चोट खाए हिस्से के आस-पास अपने लिए वैकल्पिक मार्ग खोज लिए।”