न्यूयॉर्क. एक नए अध्ययन के अनुसार मोटे पुरुषों के घुटने और कूल्हे में ‘ऑस्टियोर्थराइटिस’ (घुटने और कूल्हों के जोड़ों में होने वाली बीमारी, जिसमें जोड़ों में हमेशा दर्द बना रहता है) होने की सम्भावना अधिक रहती है जबकि मोटी महिलाओं को ऐसी किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।
पुरुषों को इस बीमारी से निजात पाने के लिए कई बार कूल्हे या घुटने शल्यक्रिया की आवश्यकता भी पड़ती है।
शोधकर्ताओं ने ऐसे 1,473 लोगों के शरीर भार सूचकांक (बीएमआई) का अध्ययन किया जिन्होंने अपने कूल्हे और घुटने की शल्यक्रिया करवाई थी। शोधकर्ताओं ने इन 1,473 लोगों के बीएमआई की 1,103 सामान्य लोगों से तुलना की।
उन्होंने पाया कि अधिक भार वाली महिलाओं को कूल्हे और घुटने की शल्यक्रिया की जरूरत नहीं पड़ी थी लेकिन वहीं ऑस्टियोर्थराइटिस से पीड़ित 70 फीसदी मोटे पुरुषों को ऐसा करना पड़ा था। शोध में पाया गया है कि मोटे पुरुषों को घुटने और कूल्हों की शल्यक्रिया करवाने की सम्भावना पांच गुना अधिक रहती है जबकि महिलाओं को सिर्फ चार गुना ही रहती है। शोधकर्ताओं के अध्ययन के निष्कर्ष जर्नल ‘एनल्स ऑफ रियोमेटिक डिजीज’ में प्रकाशित हुए हैं।