न्यूयॉर्क. अगर ध्रूमपान करने वाले रोजाना तीन बार फल-सब्जियां खाएं और ग्रीन या ब्लैक टी पीएं, तो उन्हें फायदा हो सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि ऐसा करने से उनमें कैंसर होने का खतरा काफी कम हो सकता है।
एक अध्ययन में पाया गया कि तंबाकू स्मोकिंग करने वाले लोग अगर खानपान के जरिए कुदरती केमिकल्स फलेवोनॉइड्स ग्रहण करें, तो उनमें फेफड़े का कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है। कैंसर जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही। कैलिफॉर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक, फलेवोनॉइड्स उन ब्लड वेसल्स का निर्माण रोकता है, जिनसे ट्यूमर बनते हैं। इससे कुदरती तरीके से सेल डेथ या ऐपपटोसिस में मदद मिलती है, जिससे कैंसर का खतरा कम होता है।
लीड रिसर्चर डॉक्टर जू-फेंग झांग ने कहा कि रिसर्च में हमें काफी दिलचस्प नतीजे मिले। हमने पाया कि कई तरह के फलेवोनॉइड्स स्मोकिंग करने वालों में कैंसर होने का खतरा कम करते हैं। तंबाकू स्मोकिंग से सबसे ज्यादा खतरा फेफड़े के कैंसर का होता है। ऐसे में ये नतीजे काफी काम के साबित हो सकते हैं।
शोधकर्ताओं ने फेफड़े के कैंसर से पीड़ित 558 लोग और 837 ऐसे लोगों पर स्टडी की जिन्हें यह बीमारी नहीं थी। इन लोगों की खानपान की आदतों के बारे में जानकारियां इकट्ठी कीं और उनका विश्लेषण किया।