News
Indians Abroad Indians Abroad लंदन. ब्रिटेन में भारतीय मूल के तीन व्यापारियों को धोखाधड़ी के आरोप में 25 साल कैद की सजा सुनाई गई है। इन तीनों ने ब्रिटेन और अमेरिका के बैंकों को 25 अरब रुपये से भी ज्यादा का चूना लगाया था। ये तीनों खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धातु कारोबार के विशाल साम्राज्य का मालिक बताते थे। इनका यह दावा महज दिखावा था।
धातु कारोबार से जुड़ी कंपनी आरबीजी रिसोर्सेज के पूर्व निदेशकों वीरेंद्र रस्तोगी [39], आनंद जैन [43] और गौतम मजूमदार [57] को लंदन की एक अदालत ने 23 अप्रैल को ही दोषी ठहरा दिया था। उन्हें सजा बृहस्पतिवार को सुनाई गई। सजा सुनाते हुए जज जेम्स वाड्सवर्थ ने कहा, 'उन्होंने बड़ी चालाकी से ब्रिटेन और अमेरिका के बैंकों, दोनों देशों के धातु एक्सचेंजों और कई प्रतिष्ठित कंपनियों को छला है।'
जज ने 'संडे टाइम्स' में अमीरों की सूची में स्थान पा चुके रस्तोगी को साढ़े नौ साल, जैन को साढ़े आठ साल और मजूमदार को साढ़े सात साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही तीनों को क्रमश: 15 और 10-10 साल के लिए कंपनी का निदेशक बनने के भी अयोग्य ठहरा दिया गया है।
रस्तोगी और उसके साथी 324 फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंकों और धातु कारोबार से जुड़ी कंपनियों से सौदे किया करते थे।