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Personal Finance Personal Finance मुंबई. महंगाई पर काबू पाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रेपो दर में तत्काल प्रभाव से 25 बेसिस प्वाइंट का इजाफा कर दिया है। यह दर ७.७५ फीसदी से बढ़कर ८ फीसदी हो गई है। इसके बाद अन्य बैंक भी लोन की ब्याज दरें बढ़ाने पर तेजी से विचार कर रहे हैं।
बुधवार को किए गए फैसले में आरबीआई ने रिवर्स रेपो दर को फिलहाल यथावत रखने का निर्णय लिया है। वर्तमान में बैंक की रिवर्स रेपो दर छह फीसदी है।
रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर बढ़ाने के बाद अब अन्य बैंक अपने होम लोन, आटो लोन व अन्य ऋणों की ब्याज दरें ५क् बेसिस प्वाइंट तक बढ़ा सकते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि पेट्रोल मूल्य वृद्धि से महंगाई नौ फीसदी का आंकड़ा पार कर जाएगी। इस पर काबू के लिए ही आरबीआई ने वित्त वर्ष में पहली बार रेपो दर बढ़ाई है। इससे पहले मार्च 2007 में रेपो दर 7.50 से बढ़ाकर 7.75 फीसदी की गई थी।
बैंक बढ़ा सकते हैं ब्याज दरें : भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक, पीएनबी, बैंक आफ इंडिया व एचडीएफसी ने ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। एसबीआई के मुख्य वित्त अधिकारी अशोक मुकुंद ने कहा कि बैंक की एसेट लायबिलिटी कमेटी जल्द ही बैठक कर इस मसले पर फैसला करेगी। पीएनबी के चेयरमैन केसी चक्रवर्ती ने कहा कि ब्याज दरें इस फैसले से प्रभावित होंगी।
आरबीआई ने कहा सही कदम : रिजर्व बैंक ने रेपो दर बढ़ाने के फैसले को सही ठहराया है। बैंक का कहना है कि उनकी मौद्रिक नीति में स्पष्ट किया गया था कि कीमतों को स्थिर व विकास बरकरार रखने के लिए ऐसे उपाय जरूरी हैं। फिक्की ने कहा है कि विनिर्माण क्षेत्र मंदी के संकेत दे रहा है। रिजर्व बैंक के फैसले से उसके विकास पर विपरीत असर पड़ेगा।