चाहे आप छुट्टियों में घूमने का मन बनाएं या फिर बारिश के भीगे मौसम में, सैकड़ों विज्ञापन आपको आकर्षित करेंगे। हर विज्ञापन सबसे अच्छे सौदे का दावा करता है। सब डिस्काउंट भी दे रहे हैं, लेकिन कई घंटे खर्च करने के बाद भी यह फैसला करना मुश्किल होता है कि सही सौदा कैसे किया जाए।
अपनी यात्रा की वित्तीय योजना बनाते समय तीन बातों पर खासतौर से ध्यान दें। एक, आपका बजट क्या है। दो, आप कौन से स्थान एक ही इलाके में घूमना चाहेंगे। तीन, आप कितने दिन घूमना चाहेंगे।
बजट:
पर्यटन का बजट सबसे महत्वपूर्ण पक्ष है। पर्यटन पर खर्च आप अपनी अतिरिक्त आय में से निकालते हैं। यानी आप मासिक किस्तें चुकाने, टैक्स बचाने वाली बचत योजनाओं व जीवन बीमा में निवेश की राशि निकालने के बाद ही पर्यटन का बजट निकालते हैं। ध्यान रहें, आप पर्यटन की योजना साल के आरंभ में ही बना लें।
इसका फायदा यह होगा कि आप पर्यटन पर खर्च करने के लिए हर महीने बचत कर सकते हैं। विशेषज्ञों की राय है कि किसी भी व्यक्ति को अपनी आय की 60 फीसदी से ज्यादा रकम खर्च नहीं करनी चाहिए। यानी तमाम खर्चो के बाद भी 40 फीसदी रकम बचानी चाहिए।
स्थान:
आप जहां घूमने जा रहे हैं, उन स्थानों की ट्रेन, टैक्सी व अन्य साधनों से कनेक्टिविटी की जानकारी लें। ट्रेन के जरिए आप यात्रा को सुविधाजनक व कम खर्चीली बना सकते हैं। कम लागत में ज्यादा सैर-सपाटे का एक तरीका और है। आप जहां जा रहे हैं, उसके आसपास के अन्य पर्यटन स्थलों को अपने पैकेज में शामिल करें। खासतौर से विदेश यात्राओं में इस बात का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि हवाई यात्रा की लागत का हिस्सा आपके पूरे पैकेज में सबसे ज्यादा होता है।
समय:
पर्यटन पर खर्च होने वाला समय एक व्यक्तिगत मसला है, लेकिन ध्यान रखें आपकी यात्रा की लागत पर इसका काफी असर पड़ता है। खर्च किए गए धन की पूरी कीमत वसूलनी है तो एक यात्रा पर कम से कम 7 से 9 दिन का समय जरूर निकालना चाहिए। विदेश यात्राओं के मामले में दस दिन तक का समय निकालना जरूरी हो जाता है।
कीमत वसूलने के सात सूत्र
1. अगर आप हवाई जहाज से यात्रा करने वाले हैं तो दो-तीन माह पहले डिस्काउंट वाली बुकिंग की उपलब्धता देख लें। एयरलाइनें कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण केवल टिकट पर ही डिस्काउंट नहीं दे रहीं, बल्कि क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर कैशबैक आफर भी हैं। इससे 10-15 फीसदी तक बचा सकते हैं।
2. तत्काल जाने वाली एयरलाइंस से संपर्क करें। आजकल बिना श्ेाडच्यूल के उड़ान भरने वाली एयरलाइंस हवाई टिकटों पर बड़ा डिस्काउंट दे रही हैं। बच्चों के लिए रियायती पैकेज पर भी ध्यान दें। कई एयरलाइंस फैमिली पैकेज भी दे रही हैं।3. रेलवे में आईआरसीटीसी के जरिए आप टिकट बुक करते हैं तो टिकटों पर बोनस अंक मिलेंगे, जो आपको अतिरिक्त टिकट दिला सकते हैं। डेबिट कार्ड से भुगतान करने पर आप एजेंट को देने वाला शुल्क बचा सकेंगे।
4. इंटरनेट पर उपलब्ध बजट होटलों से सीधे संपर्क करके भी आप डिस्काउंट हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा कई एयरलाइंस भी टिकट के साथ होटलों की बुकिंग पर 10 फीसदी तक डिस्काउंट मुहैया कराती हैं।
5. जब भी होटलों या कंपनियों के पैकेज का अध्ययन करें तो पहले ही तस्दीक कर लें कि उसमें कोई छुपी हुई लागत तो नहीं है।
6. टैक्सी लेते समय सीधे सौदेबाजी करें। होटलों के जरिए मिलने वाली टैक्सी का शुल्क अक्सर ज्यादा होता है, लेकिन बाहर से टैक्सी लेते समय सुरक्षा का ख्याल रखें।
7. मोबाइल ले जाते समय तस्दीक कर लें कि रोमिंग दरें तुलनात्मक रूप से ठीक हैं या नहीं। होटल के फोन का इस्तेमाल कम से कम करें।
पर्यटन की फाइनेंशियल प्लानिंग
यात्रा पर खर्च कैसे करें
केवल 20 फीसदी लोग जानते हैं कि पर्यटन या यात्राओं की भी बजटिंग होती है या योजनाएं बनाने की जरूरत होती है। आप हर चीज की योजना बनाते हैं तो कम से कम 30 फीसदी खर्च बचा सकते हैं। आप एयर ट्रेवल और होटलों के बारे में जानकारी जुटाकर सौदेबाजी नहीं करते, इसलिए ज्यादा पैसा चुकाते हैं।
क्या बचत होती है
बिलकुल होती है। आप पहले से सौदेबाजी करना जानते हैं और ट्रेन व हवाई जहाज के रास्ते, उनकी डिस्काउंट योजनाओं की योजना 2-3 माह पहले बना लेते हैं तो न केवल धन बचा सकते हैं, बल्कि बेहतर पर्यटन कर सकते हैं। कम खर्च में ज्यादा लुत्फ उठा सकते हैं।
कैसे करें प्लानिंग
लोग अपने खर्च का हिसाब-किताब रखना ज्यादा पसंद नहीं करते, लेकिन धन एक वास्तविकता है और खर्च भी उतना ही वास्तविक। खर्च कभी भी आपकी आय का 60 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए यानी आपको अपने पर्यटन का खर्च भी इसी में निकालना है। करीब 3-4 माह की कमाई आकस्मिक जरूरतों के लिए रखें।
अगर लोन लेते हैं
विदेश यात्रा करने के लिए कर्ज लेते हैं तो ध्यान रखें सारी किस्तों का आकार आपकी आमदनी के 30 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। आपने होम लोन या वाहन लोन ले रखा है तो किस्तों का आकलन कर लें। ज्यादा किस्तें बढ़ती ब्याज दरों के दौर में गणित बिगाड़ सकती हैं।
किस्तों पर विदेश यात्राएं
पर्यटन के व्यवसाय में लगी कंपनियों ने विदेश यात्राओं को वित्तीय रूप से बड़ा आसान बना दिया है। छोटे शहरों के मध्यमवर्गीय लोग भी आसान किस्त चुकाकर अपनी जिंदगी में स्विट्जरलैंड या पेरिस, नियाग्रा प्रपात या न्यूजीलैंड देखने की हसरतें पूरी कर सकते हैं। काक्स एंड किंग्स के बिजनेस डेवलपमेंट विभाग के प्रमुख करण आनंद का कहना है कि चार सदस्यों का परिवार सुदूर पूर्व (फार ईस्ट) के देशों का दस दिन का टूर केवल दो लाख रुपए में कर सकते हैं। यह रकम भी वे आसान किस्तों पर चुका सकते हैं। आनंद का कहना है कि इंदौर, भोपाल, लखनऊ और जयपुर जैसे शहरों के लोग आसानी से इन यात्राओं का लुत्फ उठा रहे हैं।