HomeNewsPunjabAmritsar Amritsar

उम्रकैद में बदलेगी फांसी की सजा!

इस्लामाबाद/अमृतसर.पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने शनिवार सुबह देश में फांसी की सजा पाए सभी कैदियों की सजा उम्रकैद में बदलने की घोषणा की। इसके साथ ही पाक की जेलों में बंद भारतीय कैदी सरबजीत सिंह और किरपाल सिंह की रिहाई का रास्ता साफ हो गया।

गिलानी ने यह घोषणा दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के जन्मदिन पर की। उन्होंने संसद को बताया कि गृह मंत्रालय ने इस संबंध में मसौदा राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को भेजा है। इस पर मुशर्रफ के साइन होते ही सभी कैदियों की सजा उम्रकैद में बदल जाएगी। इस पर मुशर्रफ के साइन महज एक औपचारिकता है। गौरतलब है कि पाकिस्तान के संविधान के मुताबिक कैदियों की सजा बदलने का अधिकार राष्ट्रपति के पास होता है।

मिठाई बंटवा दो पूरे पंजाब में:

होशियारपुर के कश्मीर सिंह की रिहाई को संभव बनाने वाले बर्नी पिछले एक साल से सरबजीत सिंह के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें अपने देश में भी विरोध का सामना करना पड़ा। शनिवार को जब उन्हें फोन किया गया तो उन्होंने उत्साहित होकर कहा ‘ दोस्त पूरे पंजाब में मिठाई बंटवा दो। काफी समय बाद खुशी का दिन आया है।’ बर्नी ने बताया कि फांसी माफ होने के साथ अगर सरबजीत की सजा के दिन गिने जाएंगे तो वह उम्रकैद से ज्यादा होंगे।

थोड़ा इंतजार:

बर्नी ने कहा कि वजीर-ए-आजम की इस घोषणा के बाद कागजी कार्यवाही में दो-तीन महीने लग जाएंगे। उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि मानव अधिकारों को ध्यान में रखते हुए वह भी फांसी की सजा का प्रावधान खत्म करने की दिशा में पहल करें।

सजा के दिन गिने जाएं तो उम्रकैद पूरी

पाकिस्तान में उम्रकैद 25 साल की होती है और सरबजीत 18 साल की सजा काट चुका है। इसमें रविवार और त्योहार की छुट्टियां गिनी जाए तो सजा पूरी हो जाएगी। कानूनन जिस तरह के आरोप सरबजीत पर हैं, ऐसे कैदियों को छुट्टियां नहीं मिलतीं, पर फांसी उम्रकैद में बदलने के साथ ही कैदी छुट्टियों के भी हकदार हो जाएंगे। ऐसे में पाकिस्तान सरकार के सामने सरबजीत सिंह और किरपाल सिंह को रिहा करने के अलावा और कोई चारा नहीं होगा। ।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: