जालंधर. राजस्थान की राजधानी जयपुर में हुए सीरियल धमाके के तार जगराओं में हुई बरामदगी से जुड़ते नजर आ रहे हैं। विस्फोटकों की जांच करने आई राजस्थान पुलिस की टीम ने खुलासा किया है कि जयपुर में हुए विस्फोट में भी ठीक उसी तरह के विस्फोटकों का इस्तेमाल हुआ था जैसे डैटोनेटर और बारूद जगराओं से बरामद हुए हैं।
राजस्थान पुलिस के एक डीएसपी के नेतृत्व में आई विशेष पुलिस दस्ते ने जगराओं सीआईए स्टाफ में विस्फोटकों के साथ पकड़े गए आतंकी गुरभेज सिंह सोनू और मनजीत सिंह मीता से लंबी पूछताछ की। राजस्थान की टीम ने बरामद बारूद, टाईमर, डैटोनेटर और तारों की जांच की।
राजस्थान की टीम ने पंजाब पुलिस के सामने खुलासा किया कि जयपुर ब्लास्ट में प्रयुक्त डैटोनेटर भी आंध्रप्रदेश की आडीनस फैक्ट्री के बने थे और आतंकवादी सोनू और मीता से बरामद 25 डैटोनेटर भी वहीं के बने हैं। जयपुर ब्लास्ट में इस्तेमाल हुआ बारूद भी यहां बरामद बारूद से मेल खाता है।
जांच में यह तय माना जा रहा था कि जयपुर विस्फोट के पीछे हूजी, लश्कर और अन्य कश्मीरी आंतकवादी संगठनों का हाथ है। अब पंजाब में बरामद खेप और जयपुर में प्रयुक्त विस्फोटकों में मिली समानता ने इस संदेह को पक्का कर दिया है कि देश में सक्रिय विभिन्न आतंकवादी संगठनों और नक्सलियों ने हाथ मिला लिए हैं।
अगर पुलिस बारूद की डिलीवरी देने वाले तक पहुंचने में कामयाब हो जाती है तो जयपुर बमकांड की जांच को नई दिशा मिल सकती है। राजस्थान पुलिस अपनी तफ्तीश को गोपनीय रख रही है और इस संबंध में मीडिया दूरी बनाए हुए है।