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रिकॉर्ड तोड़ने उतरेंगे रोजर फेडरर

लंदन.विंबलडन ¨कग रह चुके महान ब्योर्न बोर्ग बेशक रॉजर फेडरर को इस बार खिताब का तीसरा दावेदार मानते हों,लेकिन विश्व के नंबर एक खिलाड़ी रॉजर फेडरर सोमवार से यहां शुरू हो रही विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप में बोर्ग का लगातार पांच बार यह खिताब जीतने का रिकॉर्ड तोड़ने के मजबूत इरादे से उतरेंगे।

विंबलडन फेडरर का किला है और ऑल इंग्लैंड क्लब के ग्रास कोर्ट पर उन्हें चुनौती देना किसी के लिए भी आसान नहीं होगा। अगर वह लगातार छठी बार यह खिताब जीतने में कामयाब रहते हैं तो यह आधुनिक युग का रिकार्ड होगा।

लेकिन फेडरर ने पिछली जुलाई में जिस बोर्ग के लगातार पांच खिताब की बराबरी की थी वह उन्हें खिताबी दौड़ में तीसरे नंबर का उम्मीदवार मानते हैं। बोर्ग का कहना है कि उनके खयाल से इस दफा राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच का दावा फेडरर से अधिक मजबूत है।

इन दोनों खिलाड़ियों को पछाड़ने के लिए फेडरर को अपने खेल में काफी सुधार लाना होगा। विश्व के नंबर एक खिलाड़ी फेडरर अपने लगातार छठे ¨वबलडन खिताब के लिए अभियान की शुरुआत स्लोवाकिया के डोमिनिक हर्बाटी के विरुद्ध मैच से करेंगे। इस साल फेडरर ने सिर्फ दो खिताब जीते हैं। स्विटजरलैंड के २६ साल के इस खिलाड़ी को इनमें से एक खिताब पांच दिन पहले ही हेल में मिला। यह ग्रास कोर्ट पर फेडरर की लगातार ५९वीं जीत थी। इसमें कोई शक नहीं कि इससे ¨वबलडन से पहले फेडरर के आत्मविश्वास में काफी इजाफा हुआ होगा।

सात बार के पूर्व ¨वबलडन चैंपियन पीट सैंप्रास को उम्मीद है कि फेडरर अपने बुरे दौर से उबरने के लिए इस टूर्नामेंट में अपनी पूरी क्षमता झोंक देंगे। स्पेन के नडाल २क्क्६ और 2007 में ¨वबलडन में फेडरर से हार कर रनरअप रहे थे। इस साल वह फेडरर से खिताब झपटने के सपने संजो रहे हों तो इसका ताíकक आधार भी है। २२ साल के नडाल यदि खिताब जीत लेते हैं तो एक ही सीजन में फ्रेंच ओपन और ¨वबलडन चैंपियन बनने वाले १९८क् में बोर्ग के बाद पहले खिलाड़ी हो जाएंगे। सíबया के जोकोविच का दावा भी खाली नहीं है।

उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में फेडरर को हरा कर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता है। उन्होंने इंडियन वेल्स में अपने खिताबी सफर में नडाल को पटखनी दी थी। २१ साल के जोकोविच पिछले पांच ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में कम से कम सेमीफाइनल तक जरूर पहुंचे हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि वह किसी भी सतह पर अच्छा खेलने की कूबत रखते हैं। महिला वर्ग में फ्रेंच ओपन का ताज अपने सिर पर बखूबी सजा चुकीं एना इवानोविच का दावा सबसे मजबूत नजर आ रहा है। वह अब विंबलडन खिताब जीतकर यह साबित करना चाहती हैं कि उनका विश्व की नंबर एक टेनिस खिलाड़ी बनना महज एक इत्तफाक नहीं है। सíबया की इवानोविच को पिछले माह सिर्फ २५ साल की उम्र में विश्व की चोटी की खिलाड़ी रहते हुए रिटायर हो चुकीं हेनिन का उत्तराधिकारी माना जा रहा था।

उन्होंने पेरिस में खिताब जीतने के अलावा रैं¨कग में शिखर पर पहुंच यह बात साबित भी कर दी है। बेलग्राद की 20 साल की इवानोविच को अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के बाद अपने बाजुओं की ताकत का पूरा एहसास हो गया है। इवानोविच पिछले साल ¨वबलडन के सेमीफाइनल में चैंपियन वीनस विलियम्स से हार गई थीं। उन्होंने कहा कि इस दफा मेरे यह टूर्नामेंट जीतने की अच्छी संभावनाएं हैं। मैंने कड़ी मेहनत की है और उम्मीद करती हूं कि इसका नतीजा भी अच्छा ही होगा। क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने में इवानोविच को कोई खास दिक्कत नहीं होनी चाहिए। लेकिन अंतिम आठ खिलाड़ियों के राउंड में उन्हें वीनस या उनकी बहन सेरेना विलियम्स से टकराना पड़ सकता है। विलियम्स बहनों से ग्रास कोर्ट पर मुकाबला आसान नहीं है। वीनस चार और सेरेना दो बार ¨वबलडन चैंपियन रह चुकी हैं।

छठी वरीयता वाली सेरेना और सातवीं वरीयता प्राप्त वीनस के पास ग्रास कोर्ट पर खेलने का काफी लंबा अनुभव है। इवानोविच इस बाधा से निकल गईं तो उनके सामने रूस की स्वेतलाना कुजनेत्सोवा या मारिया शारापोवा होंगी। इसके बाद उन्हें अपने ही देश की जेलेना जांकोविच से दो-दो हाथ करना पड़ सकता है। जांकोविच चार बार ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल में पहुंचने के बावजूद कभी भी इससे आगे नहीं बढ़ सकी हैं।

कुजनेत्सोवा लंदन में कभी भी क्वार्टरफाइनल से आगे नहीं पहुंच पाई हैं। २क्क्४ की विजेता शारापोवा पेरिस में विश्व की नंबर एक खिलाड़ी की तरह कतई नहीं खेल पाईं। मगर उनके पास अनुभव है और फ्रेंच ओपन के चौथे राउंड में दिनारा सफीना के हाथों शिकस्त के सदमे से उबरने के लिए वह पूरा जोर लगा देंगी।





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