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Other Sports Other Sports नई दिल्ली. बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एनकेपी साल्वे का मानना है कि २५ आईपीएल मिलकर भी देश को वह खुशी और जोश नहीं दे सकते, जो 1९८३ की विश्व कप जीत ने दी थी।
साल्वे ने विश्व कप जीत की रजत जयंती के मौके पर रविवार रात यह बात कही। समारोह में खिलाड़ियों को २५-२५ लाख रुपए के चेक दिए गए।
..तब बोर्ड गरीब, पर क्रिकेट अमीर था :
१९८३ में बीसीसीआई के अध्यक्ष रहे साल्वे ने कहा कि उस समय हमारा बोर्ड गरीब था, लेकिन क्रिकेट अमीर था। 87 वर्षीय साल्वे ने कहा कि आईपीएल से बोर्ड और क्रिकेट दोनों को फायदा हुआ है। लेकिन गरीबी में हमने क्रिकेट की जो सेवा की, उसकी बात अलग थी।
जब खिलाड़ियों ने की साल्वे की ‘दुर्गति’:
साल्वे ने मजाकिया अंदाज में कहा कि इन खिलाड़ियों ने विश्व कप जीतने के बाद मेरी जो दुर्गति की थी, उसे मैं नहीं भूल सकता। इसमें गावसकर सबसे आगे थे। कपिल उन्हें उकसा रहे थे। साल्वे के अनुसार, गावसकर ने कहा कि हमें पुरस्कार चाहिए। साल्वे बोले कि दो लाख रुपए दे देते हैं, तो गावसकर ने कहा कि हम टिप नहीं मांग रहे हैं। तब साल्वे ने कहा कि तीन लाख दे देते हैं। गावसकर बोले कि दो और तीन में एक का ही फर्क है। मैंने कहा कि अच्छा सात लाख। इससे ज्यादा देने पर मुझे ही बोर्ड से बाहर कर दिया जाएगा।
लता दीदी ने बचाई इज्जत :
सवाल यह था कि सात लाख कहां से आएंगे। इंद्रजीत ब्रिंद्रा की सलाह पर साल्वे ने लता मंगेशकर समारोह आयोजित करने का निश्चय किया। इस आयोजन से ५४ लाख रुपए जुटे। इनमें से खिलाड़ियों को एक-एक लाख देने के बाद, जो धन बचा वह डीडीसीए को बि¨ल्डग बनाने के लिए दे दिया गया।