नई दिल्ली पेट्रोलियम पदार्थो के तेजी से बढ़ते दाम अब देश के विदेश व्यापार पर भी कहर बरपाने लगे हैं। महंगे कच्चे तेल आयात से व्यापार घाटे के खाई और चौड़ी होने लगी है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कमलनाथ ने आज यहां स्वीकार किया कि ऊंची तेल कीमतों से व्यापार घाटा बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थो की लगातार बढ़ती कीमतें व्यापार घाटे पर असर डाल रही हैं। ¨सगापुर के व्यापार मंत्री लियॉन हंग कियांग के साथ आयोजित द्विपक्षीय बैठक के बाद श्री कमलनाथ संवाददाताओं के साथ बातचीत कर रहे थे। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर पड़ते रुपए के बारे में पूछे जाने पर उनका कहना था कि डॉलर-रुपए की विनिमय दर बाजार में मांग और आपूíत के अनुसार तय होती है।
सरकार का इसमें हस्तक्षेप कर रुपए को मजबूत बनाने का कोई इरादा नहीं है। डॉलर रुपए की खरीद फरोख्त के मामले में बाजार पूरी तरह से पारदर्शी है। इस साल अप्रैल में देश का निर्यात 14.40अरब डालर तक पहुंच गया लेकिन पेट्रो पदार्थो के महंगे आयात से व्यापार घाटा बढ़ता हुआ ९.८ अरब डॉलर तक पहुंच गया।