अमृतसर.
अब दर्शनी ड्योढ़ी और वाच टावर की शाइनिंग लुक अमृतसराइट्स को दोबारा देखने को मिलेगी। हैरीटेज को संरक्षित करने के लिए एएसआई डिपार्ट का प्रयास अब दिखने लगा है। अमृतसर की हैरीटेज में विशेष स्थान रखने वाले दर्शनी ड्योढ़ी की बुर्जियां और वाच टावर के तमाम हिस्से अपना वजूद तकरीबन खो चुके थे लेकिन कारीगरों ने इनको अपने हुनर से दोबारा जीवंत किया है।
राजस्थानी पत्थर से लौटेगी चमक
कंपनी बाग के पास स्थिति दर्शनी ड्योढ़ी के ऊपर की बारादरी को तैयार कर लिया गया है, जबकि छत जल्द ही डाली जाएगी। काम कर रहे कारीगरों ने बताया कि इसे दोबारा पुरानी रंगत में लाने के लिए उन लोगों ने राजस्थानी लाल पत्थर और उस दौर में इस्तेमाल होने वाले मसालों का प्रयोग किया है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक 75 से 80 फीसदी खराब हो चुकी बुर्जियों की मरम्मत अंतिम दौर में है। कंपनी बाग के भीतर स्थित वाच टावर, जो कभी निगरानी के लिए बने थे, उनका भी संरक्षण जारी है। पहली कड़ी में एक वाच टावर का काम मुकम्मल हो चुका है, जबकि चिल्ड्रैन वार्ड के पास का काम थोड़ा बाकी रह गया है।
>> हैरीटेज को संजोने और संभालने के लिए जिला प्रशासन और सरकार वचनबद्ध है। अमृतसर जैसे अति पावन नगर की विरासत को पहल के आधार पर लिया जा रहा है।
काहन सिंह पन्नू, डीसी