नई दिल्ली बैंकों को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए रिजर्व बैंक की हरी झंडी मिल गई है। रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति को काबू में लाने के लिए अत्यधिक सख्त कदम उठाते हुए मंगलवार को ब्याज दर (रेपो रेट) में 0.5 फीसदी इजाफा कर दिया है। नई दर 8.5 फीसदी होगी। यह वृद्धि तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी। साथ ही बैंकों के साख जमा अनुपात (सीआरआर) में भी 0.5 फीसदी इजाफा कर दिया है। यह वृद्धि 5 जुलाई और 19 जुलाई के दो चरणों में की जाएगी।
1. क्या है रेपो रेट
रिजर्व बैंक जिस दर पर बैंकों को नकद देता है। पिछली बार 11 जून को दर बढ़ाकर 8 फीसदी की गई थी। क्या हुआ: रिजर्व बैंक ने रेपो दर बढ़ाकर 8.5 फीसदी कर दी है।
क्या होगा:
बैंकों के पास तरलता घट जाएगी। इसलिए वे कर्ज की दरें बढ़ा सकते हैं। जिन बैंकों को ज्यादा धन चाहिए वे डिपाजिट की दरें बढ़ा सकते हैं।
2. क्या है सीआरआर
बैंक को निश्चित राशि रिजर्व बैंक के पास जमा रखनी पड़ती है।
क्या हुआ: सीआरआर आधा फीसदी बढ़ाकर 8.75 फीसदी कर दी।
क्या होगा: बैंकों के पास तरलता घट जाएगी। उपलब्ध धन की लागत बढ़ेगी। उन्हें कर्ज की ब्याज दरें बढ़ानी होंगी।
महंगाई का असर:
7 जून को समाप्त सप्ताह में मुद्रास्फीति 11.05 फीसदी पर पहुंचने के बाद ही साफ हो गया था कि रिजर्व बैंक ब्याज दर और सीआरआर बढ़ाएगा।
रेपो रेट और सीआरआर दोनों क्यों?
फायदा: रेपो रेट और सीआरआर बढ़ाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बैंकों के धन की लागत बढ़ जाएगी और ब्याज दरें बढ़ने से कर्ज की मांग घटेगी। मांग पैदा होने की संभावनाएं (इंफ्लेशन एक्सपेक्टेशन) घटेंगी। यह ईंधन की कीमतों के असर को कम करेगा।
नुकसान:
अगले कुछ माह में विकास की गति घट जाएगी। उपभोक्ता की खरीद पर विपरीत असर पड़ेगा और निवेश की गति धीमी हो सकती है। सरकार के राजस्व पर विपरीत असर होगा। सरकार को कर्ज माफी और वेतन आयोग के लिए धन जुटाना है, जो मुश्किल से जुटेगा।
कब कितनी बढ़ी सीआरआर
तिथि - सीआरआर 8.12.06 5.50
17.02.07 - 5.75
3.03.07 - 6.00
14.04.07 -6.25
28.04.07 -6.50
4.08.07 -7.00
10.11.07 -7.50
29.04.08- 7.75
10.05.08 -8.00
वर्तमान दर- 8.25
नई दर - 8.75 (नोट : सभी आंकड़े प्रतिशत में)