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Personal Finance Personal Finance नई दिल्ली आयकर रिटर्न दाखिल करने का नया फार्म आम आदमी के लिए सरल साबित नहीं होने वाला है, क्योंकि रिटर्न दाखिल करते समय नए फार्म में बड़ी राशि के लेन-देन की जानकारी देनी होगी। नए फार्म में खर्चो और आय के स्रोत बताने वाला कैश फ्लो स्टेटमेंट भले ही हट गया हो, ज्यादातर लोगों को फार्म भरने में विशेषज्ञ की मदद लेनी होगी। आयकर का रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई नजदीक आ रही है और करदाताओं के लिए आनलाइन भी रिटर्न दाखिल करने की सुविधा है लेकिन अनिवार्य नहीं है। बड़ी राशि के लेन-देन की जानकारी सालाना सूचना रिटर्न (एआईआर) की पूरक है।
फिर भी यह व्यक्तिगत करदाताओं को नहीं देना है। बैंकों, म्यूचुअल फंड, क्रेडिट कार्ड कंपनी जैसी संस्थाओं को सरकार को एआईआर देना होता है। अगर एआईआर के ब्योरे और आपके द्वारा दी गई जानकारी में बड़ा अंतर पाया जाता है तो आयकर विभाग पूछताछ करता है।
क्या बदला
पहले जो जानकारियां कागजों के रूप में लगानी पड़ती थीं, अब शिड्यूल की तरह दी जाती है। अब सभी श्रेणी के फार्म में जानकारी का क्रम समान रहेगा।
एआईआर कब जरूरी>> एआईआर में सात किस्म के लेन-देन शामिल किए गए हैं।
>> एक, बचत खाते में दस लाख या उससे ज्यादा राशि जमा करना।
>> दो, साल में दो लाख या उससे ज्यादा राशि क्रेडिट कार्ड पर भुगतान करना।
>> तीन, तीस लाख रुपए की संपत्ति खरीदना।
>> चार, साल में दो लाख रुपए या उससे ज्यादा के म्यूचुअल फंड खरीदना।
>> पांच, रिजर्व बैंक के पांच लाख या उससे ज्यादा के बांड खरीदना।
>> छह, एक लाख या उससे ज्यादा की रकम आईपीओ या राइट इश्यू में लगाना।
>> सात, बांड या डिबेंचर में पांच लाख या उससे ज्यादा राशि का निवेश।
किसके लिए कौन सा फार्म
>>आईटीआर 1 : जिनकी आय वेतन व ब्याज से होती है।
>>आईटीआर 2 : जिन व्यक्तियों या हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) की आय व्यवसाय या पेशे से नहीं होती है।
>>आईटीआर 3 : जिन व्यक्तियों या एचयूएफ किसी फर्म में भागीदार हों और किसी भी प्रोप्राइटरशिप में व्यवसाय या प्रोफेशन नहीं करते हों।
>> आईटीआर 4 : जिन व्यक्तियों और एचयूएफ की आय प्रोप्राइटरी व्यवसाय से आय हो।
>> आईटीआर 5 : फर्म, लोगों का संगठन और व्यक्तियों का समूह।
>> आईटीआर 6 : छूट मांगने वाली कंपनियों के अलावा कंपनी।
>> आईटीआर 7 : लोग व कंपनियां जिन्हें 139(4ए) या 139 (4बी) या सेक्शन 13(4सी) या सेक्शन 139 (4डी) में रिटर्न दाखिल करने पड़ते हों।
>> आईटीआर 8 : फ्रिंज बेनिफिट टैक्स के रिटर्न।