जालंधर. ‘ड्राई डे’ पर धड़ल्ले से शराब बेचने वाले शहर के तीन शराब ठेकेदारों को दंडाधिकारी डिप्टी एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर (डीईटीसी) पी.एस गिल ने 50-50 हजार रुपए जुर्माना ठोका है। डीईटीसी ने मंगलवार इस संबंधी आर्डर पास करके तीनों दोषी शराब ठेकेदारों की फाइल जुर्माना वसूली के लिए असिस्टैंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर्स को भेज दी है।
अनाड़ी था सेल्जमैन: नकोदर चौक स्थित ढिल्लों एंड कंपनी तथा वर्कशाप चौक स्थित राजा-वाडिया ग्रुप के संचालकों ने तो डीईटीसी के समक्ष स्वीकार किया कि उनके सेल्जमैनों ने नियमों का उल्लंघन किया है। वहीं तीसरे आरोपी शक्ति नगर स्थित शराब ठेके के संचालक ने डीईटीसी के पास रोचक जबाव दिया कि उनका सेल्जमैन नियमों से अंजान था और वह शहर में नहीं थे। जवाब से डीईटीसी सहमत नहीं हुए।
चुनाव के दिन हुई थी कार्रवाई: पंचायत चुनाव वाले दिन डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट अजीत सिंह पन्नू ने ‘ड्राई डे’ घोषित किया था और आदेश का पालन करवाने की जिम्मेदारी एक्साइज विंग की तय की गई थी।
डीएम के आदेश के बावजूद ठेकेदार चोरी-छुपे शराब बेचने में लगे रहे और एक्साइज के फील्ड आफिसर्ज ने भी कोई संज्ञान नहीं लिया। शिकायत डीईटीसी तक पहुंची, तो वह खुद फील्ड में आदेश का उल्लंघन होता देखने के लिए निकल पड़े। चैकिंग स्टाफ हरकत में आया और धड़ाधड़ तीन चालान काटे जिसके बाद शहर में शराब की बिक्रीरुकी।
ठेकों की हो सरप्राइज चैकिंग
जिले के शराब ठेकेदारों की ओर से एक्साइज नियमों का खुलेआम किए जा रहे उल्लंघन पर कार्रवाई न होने पर जालंधर वाइन सेल्जमैन एंड लेबर इम्पलाइज यूनियन ने कड़ा ऐतराज जताया है।
मंगलवार को जारी बयान में यूनियन के प्रधान विशाल शर्मा ने कहा कि शहर के कुछ नए शराब ठेकेदार ठेकों के समक्ष करिंदे खड़े करके लोगों को आवाजें लगाकर शराब की बिक्री कर रहें हैं, जोकि एक्साइज नियमों के विपरीत है। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर से मांग की है कि शराब ठेकों की कार्यकारी मैजिस्ट्रेटों से चैकिंग करवाई जानी चाहिए, ताकि शराब ठेकेदारों को सबक सिखाया जा सके।